गुरदासपुर: पंजाब के गुरदासपुर से कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पार्टी नेताओं और समर्थकों के साथ कलानौर थाने का घेराव किया। इस दौरान सांसद और उनके बेटे उदयवीर सिंह रंधावा की DSP अमोलक सिंह तथा थाना प्रभारी अमनदीप सिंह के साथ तीखी बहस हुई। मामला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज केस को लेकर गरमाया।
रंधावा अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के चलते कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। बहस के दौरान सांसद ने थाना प्रभारी को अपने पास आकर बात करने के लिए कहा। बाद में वह थाने के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए और फिर SP दविंदर चौधरी के कार्यालय पहुंचे, जहां भी पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी बहस हुई।
‘मेरे बंदे गिरफ्तार करके दिखाओ’: पुलिस कार्रवाई पर भड़के रंधावा
थाने में हुई बहस के दौरान सुखजिंदर सिंह रंधावा ने थाना प्रभारी से पहले हुई बातचीत का जिक्र करते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पूछा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की बात क्यों कही गई थी।
रंधावा ने कहा कि यदि उनके कार्यकर्ताओं ने कोई गलत काम किया है तो उसे साबित किया जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के प्रति सम्मान की बात कहते हुए आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को अनुचित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
इस दौरान DSP और थाना प्रभारी ने सांसद से अन्य लोगों को वापस भेजने और बैठकर बातचीत करने की बात कही। DSP अमोलक सिंह ने उनसे संयम से बात करने को कहा और SSP कार्यालय चलकर चर्चा करने का सुझाव दिया। हालांकि, रंधावा और उनके बेटे ने पुलिस अधिकारियों से मौके पर ही बात करने पर जोर दिया।
बेटे उदयवीर की भी पुलिस अधिकारियों से बहस
मौके पर मौजूद सांसद के बेटे उदयवीर सिंह रंधावा भी पुलिस अधिकारियों से उलझते नजर आए। उन्होंने थाना प्रभारी पर कथित तौर पर गुंडागर्दी करने के आरोप लगाए और पहले हुई बातचीत को लेकर सवाल किए।
सुखजिंदर रंधावा ने भी कहा कि वह हमेशा पुलिस प्रशासन का सम्मान करते आए हैं, लेकिन उनके मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने की धमकी देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसके बाद सांसद और उनके समर्थक थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने दर्ज मामले को रद्द करने या उसकी निष्पक्ष दोबारा जांच कराने की मांग की।
₹7 करोड़ की डकैती का मामला भी उठाया
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गुरदासपुर में हुई कथित ₹7 करोड़ की डकैती का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के बीचों-बीच इतनी बड़ी वारदात होने के बावजूद पुलिस अब तक बरामदगी नहीं कर पाई है।
रंधावा ने चेतावनी दी कि वह इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और संसद में उठाएंगे। उन्होंने मामले की CBI या NCB से जांच कराने की मांग करने की बात भी कही।
हेरोइन, आइस और पिस्तौल की बरामदगी को लेकर सवाल
रंधावा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि 18 तारीख को SI गुरविंदर सिंह से संबंधित मामले में 557 ग्राम हेरोइन, 100 ग्राम आइस और पांच पिस्तौल की बरामदगी का मामला सामने आया था।
उन्होंने कहा कि जब कानून लागू करने वाली व्यवस्था पर ही सवाल उठने लगें, तो आम जनता न्याय के लिए किसके पास जाएगी। ये आरोप सांसद की ओर से लगाए गए हैं; संबंधित मामले की पूरी स्थिति और आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र जांच से ही हो सकेगी।
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत देने की तैयारी
सांसद रंधावा ने अपने समर्थकों को संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ चुनाव आयोग को लिखित शिकायत भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
पुलिस अधिकारियों ने सांसद और उनके समर्थकों को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का भरोसा दिया। हालांकि, कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे।
दो गुटों के झगड़े के बाद दर्ज हुआ था केस
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले कलानौर थाना क्षेत्र में दो गुटों के बीच झगड़ा हुआ था। इस घटना के बाद पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि पुलिस सत्ताधारी पक्ष के इशारे पर एकतरफा कार्रवाई कर रही है और उनके कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों की बात सुनकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और कांग्रेस की ओर से की जाने वाली शिकायत पर नजर रहेगी।

