जगराओं में CM मान की मजीठिया को दो टूक: बोले- 40 हजार पन्नों की चार्जशीट, अब बचना मुश्किल

जगराओं/लुधियाना: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 29 अक्टूबर को जगराओं क्षेत्र के गांव कमालपुरा में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें 40 हजार पन्ने हैं और अब उनके लिए बचना मुश्किल होगा।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने गांव के विकास, महिलाओं को आर्थिक सहायता, युवाओं को सरकारी नौकरियां, शिक्षा और नशे के मुद्दे पर अपनी सरकार का पक्ष रखा। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा के नेताओं पर भी निशाना साधा।

कमालपुरा को विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये की ग्रांट

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गांव कमालपुरा में अब तक विकास कार्यों पर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने गांव के विकास के लिए 51 लाख रुपये की अतिरिक्त ग्रांट देने की घोषणा की और सरपंच को चेक सौंपा।

मान के मुताबिक, इस राशि से छप्पड़ों के निर्माण और इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने जैसे विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांव का सरपंच स्थानीय लोगों से सलाह लेकर तय करेगा कि किन कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले गांवों को बहुत कम ग्रांट मिलती थी और विकास के लिए जारी पैसे के इस्तेमाल पर भी सवाल उठते थे। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार में जनता का पैसा सीधे गांवों के विकास पर खर्च किया जा रहा है।

‘पहली तारीख को महिलाओं के खातों में आएंगे पैसे’

सीएम मान ने महिलाओं को दी जा रही आर्थिक सहायता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महीने की पहली तारीख को महिलाओं के मोबाइल फोन पर बैंक खाते में पैसे आने का संदेश मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि कई महिलाएं उन्हें वीडियो भेजकर बताती हैं कि इस राशि से उन्होंने दुकानदारों का पुराना उधार चुकाया या अपने पोते-पोतियों के लिए साइकिल खरीदी।

मान ने कहा कि 1,500 या 4,500 रुपये मिलने से कोई अमीर नहीं बन जाता, लेकिन यह राशि आम परिवारों की जरूरतें पूरी करने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि यह जनता का पैसा है और इसे जनता की भलाई के लिए खर्च किया जा रहा है।

मजीठिया की चार्जशीट पर बोले- ‘अब बचना मुश्किल’

मुख्यमंत्री ने अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ दाखिल चार्जशीट का जिक्र करते हुए कहा कि यह 40 हजार पन्नों की है। उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े दस्तावेज के बाद मजीठिया के लिए कानूनी कार्रवाई से बचना मुश्किल होगा।

मान ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान पंजाब को नशे की समस्या के कारण बदनामी झेलनी पड़ी। उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान कभी सेना के जनरलों और करनलों, गिद्दा और भंगड़ा से होती थी, लेकिन बाद में राज्य को चिट्टे और नशे के इंजेक्शनों से जोड़कर देखा जाने लगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को इस छवि से बाहर निकालना और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना जरूरी है। मजीठिया के खिलाफ लगाए गए आरोपों और मामले के कानूनी परिणामों पर अंतिम फैसला संबंधित न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

नेताओं के आपसी संबंधों पर भी कसा तंज

भगवंत मान ने राजनीतिक नेताओं के आपसी संबंधों को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने मनप्रीत सिंह बादल की बेटी की शादी का जिक्र करते हुए कहा कि समारोह में अलग-अलग दलों के नेता एक-दूसरे से गले मिलते दिखाई दिए।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि जब नेता आपस में मिलते-जुलते हैं, तो आम लोगों के बीच राजनीतिक नफरत क्यों फैलाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों के नेता कभी एक पार्टी में जाते हैं तो कभी दूसरी पार्टी में, जबकि आम लोगों के बीच मतभेद बढ़ते जा रहे हैं।

सुखबीर बादल पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने सुखबीर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से जुड़ा एक पुराना किस्सा सुनाते हुए तंज कसा।

मान ने कहा कि पंजाब में ऐसे नेता भी रहे हैं जो पंजाबी भाषा और आम लोगों से दूरी बनाए रखते हैं। इसके विपरीत उन्होंने दावा किया कि वह पहले भी लोगों के बीच रहते थे और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी जनता से सीधे मिलते हैं।

70,600 युवाओं को सरकारी नौकरियां देने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अब तक 70,600 युवाओं को सरकारी नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों को सिफारिश या रिश्वत की जरूरत नहीं पड़ी।

मान ने युवाओं से पढ़ाई पर ध्यान देने और पटवारी तथा UPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराना है।

NEET में सफल विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा

शिक्षा के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में पंजाब के 80 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की थी, जबकि वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई।

उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य सरकार की शिक्षा संबंधी पहलों को देते हुए कहा कि सफल होने वाले विद्यार्थियों में बड़ी संख्या सामान्य परिवारों से आने वाले बच्चों की है। मान ने कहा कि शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जिससे बच्चों को बेहतर भविष्य और परिवारों को आर्थिक मजबूती मिल सकती है।

‘गरीबी दूर करनी है तो बच्चों को पढ़ाना होगा’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राशन कार्ड जैसी सुविधाएं परिवारों को तत्काल राहत दे सकती हैं, लेकिन गरीबी को स्थायी रूप से दूर करने के लिए शिक्षा जरूरी है।

उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उन्हें डॉक्टर, अधिकारी और अन्य पेशेवर बनाया जा सकता है। मान ने यह भी दावा किया कि पंजाब में रोजगार के अवसर बढ़ने से विदेश जाने की चाह में कमी आ रही है।

कांग्रेस पर भी किया तीखा हमला

भगवंत मान ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर टिप्पणी करते हुए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में नेताओं के बीच तालमेल की कमी है और पार्टी में कुर्सी को लेकर संघर्ष जारी है।

नवजोत सिंह सिद्धू पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने उनकी तुलना ऐसे सूट से की, जिसे कोई सिलवाता नहीं, बल्कि केवल लेन-देन के लिए इस्तेमाल करता है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेताओं ने जनता के हितों के बजाय सत्ता की लड़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया।

मान ने कहा कि यदि उनका उद्देश्य केवल पैसा कमाना होता, तो वह कलाकार के तौर पर भी अच्छा कर सकते थे। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का उनका उद्देश्य लोगों की जिंदगी बेहतर बनाना है।

पिछली सरकारों पर जनता से दूरी बनाने का आरोप

मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और सुखबीर बादल पर आरोप लगाया कि सरकार में रहने के दौरान वे आम लोगों से दूर हो गए थे। उन्होंने दावा किया कि चुनाव नजदीक आने पर ही ऐसे नेता जनता के बीच जाने की कोशिश करते हैं।

मान ने विपक्ष के उन आरोपों का भी जवाब दिया, जिनमें उनकी सरकार पर सरकारी पैसे को योजनाओं के जरिए बांटने की आलोचना की जाती है। उन्होंने कहा कि जनता से मिलने वाला राजस्व जनता की भलाई पर खर्च होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पंजाब के लोग उनकी सरकार के कामकाज से संतुष्ट हैं और आगामी चुनाव में आम आदमी पार्टी को फिर समर्थन देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गांवों का विकास, शिक्षा में सुधार, रोजगार और महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है।

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