36 दिन बाद भी खाली हाथ लुधियाना पुलिस, बॉथ कैसल फायरिंग का मुख्य आरोपी अब भी फरार
लुधियाना :
पक्खोवाल रोड स्थित बॉथ कैसल में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान हुई भीषण फायरिंग की घटना को आज 36 दिन बीत चुके हैं, लेकिन लुधियाना पुलिस अब तक इस मामले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इस घटना में दो गुटों के बीच करीब 30 से अधिक राउंड फायरिंग हुई थी, जिसमें एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
पुलिस के अनुसार इस मामले में दूसरे गुट के मुख्य आरोपी शुभम मोटा, रूबल (सब्ज़ी मंडी का कथित प्रधान) और अन्य कई आरोपी अभी भी फरार हैं। फिलहाल पुलिस ने केवल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अकुंर ने दबाव के चलते खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर किया था।
शुरुआती जांच में पुलिस ने इस फायरिंग को मोहल्लों के बदमाशों के बीच वर्चस्व की लड़ाई बताया था, लेकिन इतने दिनों बाद भी मुख्य आरोपी खुलेआम पुलिस को चकमा दे रहे हैं। पुलिस ने शुभम मोटा और रूबल के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी करने की बात कही थी, लेकिन इसका भी कोई ठोस असर दिखाई नहीं दे रहा।
वारदात से पहले हुआ था बड़ा क्रिकेट टूर्नामेंट
फायरिंग की घटना से कुछ दिन पहले ही मुख्य आरोपी शुभम मोटा ने चंडीगढ़ रोड पर बड़े स्तर पर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया था, जिसमें कई राजनीतिक हस्तियां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुई थीं। शुभम ग्रुप के कई युवक इस आयोजन में मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, शुभम मोटा को जेल में बंद एक बड़े गैंगस्टर का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वह अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। यह भी चर्चा है कि उसके ग्रुप के कई युवकों के आर्म्स लाइसेंस भी तैयार करवाए गए हैं।
रूबल अब भी फरार, कारोबार जारी
इस फायरिंग मामले में सब्ज़ी मंडी के कथित प्रधान रूबल को भी नामज़द किया गया है। हालांकि भगौड़ा घोषित होने के बावजूद उसका कारोबार सब्ज़ी मंडी में धड़ल्ले से चल रहा है। बताया जा रहा है कि उसका माल हिमाचल प्रदेश के कई जिलों से आता है और बड़े जमींदारों से उसके गहरे संबंध हैं। आशंका है कि रूबल हिमाचल में कहीं छिपकर अपना नेटवर्क चला रहा है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
एक ओर जहां लुधियाना पुलिस बड़े-बड़े गैंगस्टरों को पकड़ने के दावे करती है, वहीं इस हाई-प्रोफाइल फायरिंग केस में 35 दिन बाद भी मुख्य आरोपी फरार हैं। हैरानी की बात यह भी है कि अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस तक नहीं की।
शहर में इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

