शिमला से भी ठंडा रहा पंजाब का बठिंडा, तापमान 0.6°C पर पहुंचा, घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें
बठिंडा | Punjabi Doordarshan
पंजाब का बठिंडा शहर इन दिनों भीषण ठंड और घने कोहरे की दोहरी मार झेल रहा है। सोमवार को शहर का न्यूनतम तापमान गिरकर 0.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से भी कम दर्ज किया गया। इसके साथ ही बठिंडा उत्तरी भारत के सबसे ठंडे शहरों में शामिल हो गया है।
कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। ठंडी हवाओं ने सर्दी की तीव्रता को और बढ़ा दिया। लोग दिनभर अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों के सहारे नजर आए, जबकि बाजारों और सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में काफी सन्नाटा देखने को मिला।
यातायात पर गहरा असर
कोहरे के कारण हवाई सेवाएं, रेल यातायात और सड़क मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए। कई ट्रेनों की गति धीमी रही और कुछ ट्रेनें देरी से चलीं। राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे के चलते सड़क दुर्घटनाओं में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे प्रशासन और पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।
स्वास्थ्य पर सीधा असर
अत्यधिक ठंड का सीधा प्रभाव लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार ठंड के कारण हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। इसके अलावा खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण के मामलों में भी इजाफा हुआ है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
पशु-पक्षी भी बेहाल
कड़ाके की ठंड से पशु-पक्षी और अन्य जीव-जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं। खुले में रहने वाले आवारा पशुओं के लिए यह सर्दी जानलेवा साबित हो रही है। कई जगहों पर पशु प्रेमी संस्थाएं उन्हें बचाने के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि
- अनावश्यक यात्रा से बचें
- बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें
- गर्म कपड़े पहनें
- कोहरे में वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें
स्वास्थ्य विभाग ने भी ठंड से बचाव के लिए जरूरी एहतियात अपनाने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर, बठिंडा में सर्दी का यह डबल अटैक जनजीवन, स्वास्थ्य, यातायात और पशु-पक्षियों के लिए गंभीर चुनौती बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना है, ऐसे में सतर्कता बेहद जरूरी है।

