माघी मेले में गरमाई पंजाब की सियासत, AAP और BJP आमने-सामने
पंजाब:
माघी मेले के अवसर पर पंजाब की सियासत पूरी तरह गरमा गई। आम आदमी पार्टी की रैली में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा,
“जो कौम अपनी विरासत को याद रखती है वही तरक्की करती है। इस धरती को पूरी दुनिया में याद रखा जाता है। सेवा की बारी मांगी नहीं जाती, लूटने की बारी मांगी जाती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी का झाड़ू राजनीतिक गंदगी साफ करता है, लेकिन सभी पार्टियां मिलकर उन्हें गालियां दे रही हैं और जनता को गुमराह कर रही हैं।
सुखबीर बादल पर हमला, कांग्रेस पर तंज
भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल पर निशाना साधते हुए कहा कि
“वह खुद मान रहा है कि उनकी पार्टी में बोलने वाला कोई नहीं बचा, इसलिए उनका मेला खत्म हो गया है।”
कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस आपसी गुटबाजी के कारण रैली तक नहीं कर पाई।
‘पैसे कमाने नहीं, सेवा करने आए हैं’
सीएम मान ने कहा कि उनकी सरकार सेवा के लिए आई है, पैसे कमाने के लिए नहीं।
उन्होंने बताया कि अब तक 63 हजार युवाओं को बिना पैसे सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
जल्द ही मास्टर कैडर की नई भर्तियां होंगी और पंजाब पुलिस में 10 हजार नई पोस्टें निकाली गई हैं।
BJP का पलटवार: सरकारी बसों का दुरुपयोग
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आरोप लगाया कि AAP रैलियों में सरकारी बसों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आनंदपुर साहिब में एक आरटीओ ने जब दो बसें भेजने से मना किया तो उसका तुरंत तबादला कर दिया गया।
पंजाब भाजपा प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि
“अगर पुलिस पर इतना भरोसा था तो आतिशी को भी यहां बुलाना चाहिए था। अरविंद केजरीवाल क्यों लाए गए?”
हरियाणा CM नायब सैनी का बयान
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि
“पंजाब से हमारा खून का रिश्ता है। जब पंजाब पर संकट आया तो यहां की सरकार सिर्फ बयान देती रही, ज़मीन पर नजर नहीं आई।”
कांग्रेस ने बनाई दूरी
इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस ने माघी मेले से दूरी बनाए रखी। पार्टी सूत्रों के अनुसार,
G-RAM-G आंदोलन, मनरेगा संघर्ष और आंतरिक गुटबाजी के कारण इस बार कांग्रेस ने कोई राजनीतिक मंच नहीं लगाया। पार्टी के भीतर इस फैसले को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है।

