लुधियाना | Punjabi Doordarshan ब्यूरो
पंजाब के लुधियाना जिले में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया है। गांव अयाली कलां स्थित गुरुद्वारा श्री थड़ा साहिब में बांटे गए प्रसाद गजरेला (गाजर का हलवा) को खाने से करीब 50 लोग फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए, जिसके बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
घटना के बाद प्रभावित लोगों को उल्टियां, दस्त, चक्कर और बेहोशी की शिकायतें होने लगीं। गंभीर हालत में कई मरीजों को लुधियाना के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
अस्पताल में भर्ती मरीजों की आपबीती
अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला मंजीत कौर ने बताया कि उन्होंने सुबह करीब 8 बजे गुरुद्वारे से लाया गया गजरेला खाया था। इसके ठीक एक घंटे बाद उन्हें तेज उल्टियां शुरू हो गईं।
वहीं गुरप्रीत कौर ने बताया कि उनकी सास गुरुद्वारे से गजरेला लाई थीं। उन्होंने और उनके बेटे ने इसे खाया, जिसके बाद हालत बिगड़ गई और दवाई लेने जाते समय वे बेहोश होकर गिर गईं।
डॉक्टरों की पुष्टि — गजरेला में जहरीला पदार्थ
रघुनाथ अस्पताल की डॉक्टर मंदीप कौर ने बताया कि उनके अस्पताल में 35 से 40 मरीज लाए गए, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार यह स्पष्ट फूड पॉइजनिंग का मामला है।
मरीजों ने बताया कि गजरेला 2 से 3 दिन पहले बनाया गया था, जिसके कारण उसमें बैक्टीरिया पनप गए और वह जहरीला हो गया।
गुरुद्वारा प्रबंधन का बयान
गुरुद्वारा के मैनेजर गुरचरण सिंह ने कहा कि यह लंगर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से नहीं लगाया गया था। कुछ गांव के लोगों ने आपसी सहयोग से यह प्रसाद तैयार कर वितरित किया था।
उन्होंने बताया कि बीमार होने की खबर मिलते ही गुरुद्वारे में अनाउंसमेंट कर लोगों को गजरेला न खाने की सलाह दी गई।
पुलिस जांच शुरू
सराभा नगर थाने के SHO आदित्य शर्मा ने बताया कि सभी मरीज खतरे से बाहर हैं। खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि धार्मिक आयोजनों में परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की ताजगी और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि जरा-सी लापरवाही कई लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।

