पंजाब डेस्क:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान श्री अकाल तख़्त साहिब के सचिवालय से बाहर आ गए हैं। स्पष्टीकरण देने के बाद मुख्यमंत्री की कई तस्वीरें सामने आई हैं। सचिवालय से बाहर निकलकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अंदर हुई बातचीत की पूरी जानकारी साझा की।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रबंधों से जुड़ी जो भी शिकायतें और मांगें उन्हें प्राप्त हुई थीं, उनका पूरा रिकॉर्ड वह लिखित सबूतों सहित जत्थेदार के समक्ष जमा करवा आए हैं। उन्होंने कहा कि SGPC के खिलाफ आई कई शिकायतों के दस्तावेज वे अपने साथ लेकर गए थे।
सीएम मान के अनुसार जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वे हर एक दस्तावेज को ध्यान से देखेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“मैंने कभी भी श्री अकाल तख़्त साहिब को चैलेंज नहीं किया है। मेरी इतनी हिम्मत और औकात नहीं है कि मैं श्री अकाल तख़्त साहिब को चैलेंज करूं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि जत्थेदार के पास उनके खिलाफ जो भी शिकायतें पहुंची थीं, वे सभी उनके सामने रखी गईं। उन्होंने कहा कि आगे जो भी निर्देश या निर्णय अकाल तख़्त साहिब की ओर से आएंगे, वे उन्हें स्वीकार होंगे।
सीएम मान ने कहा, “मैंने अपना पक्ष रख दिया है, अब जत्थेदार का आदेश मेरे लिए सबसे ऊपर है।”
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह भी कहा कि आज उन्हें सुकून और संतुष्टि मिली है क्योंकि वे लोगों की भावनाओं से जुड़े सभी दस्तावेज अकाल तख़्त साहिब में सौंप आए हैं और अपना स्पष्टीकरण भी दे आए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दौर AI का दौर है, जिसमें किसी की भी नकली वीडियो बनाई जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो फर्जी है और इसकी कहीं भी, किसी भी स्तर पर जांच करवाई जा सकती है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान करीब 45 मिनट तक श्री अकाल तख़्त साहिब के सचिवालय में मौजूद रहे। वहीं जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने दोपहर 1:30 बजे श्री अकाल तख़्त साहिब सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा।

