भाजपा नेता सुनील जाखड़ की खराब हुई तबीयत, फोर्टिस अस्पताल में भर्ती
पंजाब में BJP के प्रधान सुनील जाखड़ की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ गई। सुबह उनकी छाती में दर्द उठा था, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाया गया। जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया। उनकी एंजियोग्राफी कराई गई। फिलहाल उन्हें निगरानी के लिए अस्पताल में ही भर्ती रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक आज पंजाब भाजपा के एक डेलिगेशन ने प्रधान सुनील जाखड़ की अगुआई में पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात करनी थी। यह मुलाकात सुबह करीब 10 बजे होनी थी। मगर, इससे पहले घर पर सुनील जाखड़ की छाती में दर्द होने लगा।
इसके बाद उन्होंने सीधे फोर्टिस अस्पताल में चेकिंग करवाने का फैसला लिया। साथ ही अपना गवर्नर हाउस जाने का प्रोग्राम टाल दिया। इसके बाद डेलिगेशन साढ़े 10 बजे बीजेपी नेता सुभाष शर्मा की अगुआई में गवर्नर से मिला। शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने जाखड़ को हिरासत में लिया था।
2 दिन पहले CM आवास घेरने पर हिरासत में लिए गए थे
सुनील जाखड़ शुक्रवार को चंडीगढ़ में थे। यहां उन्होंने पहले पूर्व सांसद जगमीत बराड़ समेत 4 नेताओं को पार्टी में शामिल किया। इसके बाद भाजपा ने CM भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित निवास का घेराव किया। इसमें भी सुनील जाखड़ शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने पूरे प्रदर्शन की अगुआई की। हालांकि वे सीएम आवास के अंदर नहीं जा सके और बाहर ही नारेबाजी की। हंगामे के बाद पुलिस ने बाकी नेताओं के साथ सुनील जाखड़ को भी हिरासत में ले लिया था। जिसके बाद उन्हें थाने में रखकर कुछ देर बाद छोड़ दिया गया था।
पंजाब की राजनीति के दिग्गज जाखड़
सुनील जाखड़ मूल रूप से अबोहर के रहने वाले हैं। उनके पिता बलराम जाखड़ लंबे वक्त तक लोकसभा के स्पीकर और केंद्र में मंत्री रहे। सुनील जाखड़ अबोहर से 3 बार MLA रहे। इसके बाद वह गुरदासपुर का उपचुनाव जीतकर सांसद भी बने। 2012 से 2017 तक वह अकाली-भाजपा गठबंधन की सरकार के वक्त कांग्रेस की तरफ से विधायक दल के नेता रहे। इसके बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रधान भी रहे। इस दौरान उनकी कैप्टन अमरिंदर सिंह से नजदीकियां रहीं। हालांकि बाद में वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा ने उन्हें प्रदेश प्रधान बनाया।
पंजाब के पहले हिंदू CM बनते-बनते रह गए थे जाखड़
सुनील जाखड़ कांग्रेस का बड़ा हिंदू चेहरा थे। 2021 में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम की कुर्सी से हटा दिया। इसके बाद चर्चा हुई कि सुनील जाखड़ पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे। अगर ऐसा होता तो वह आजाद पंजाब में पहले हिंदू मुख्यमंत्री होते। हालांकि ऐसा नहीं हो सका। सुनील जाखड़ का आरोप था कि ज्यादातर विधायक उनके पक्ष में थे, लेकिन कांग्रेस की ही एक वरिष्ठ महिला नेता ने कहा कि पंजाब सिख स्टेट है, वहां हिंदू सीएम नहीं बनाना चाहिए। इसके बाद जाखड़ का पत्ता कट गया और कांग्रेस ने चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री बना दिया।

