IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: चंडीगढ़ में जांच तेज, सभी विभागों से मांगा लेन-देन का ब्योरा, पूर्व ब्रांच हेड समेत 4 गिरफ्तार

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IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े करीब 590 करोड़ रुपये के कथित घोटाले ने उत्तर भारत की प्रशासनिक और बैंकिंग व्यवस्था में हड़कंप मचा दिया है। मामले में State Vigilance and Anti Corruption Bureau ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंक के पूर्व ब्रांच हेड समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इसी बीच Chandigarh Administration ने अपने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे IDFC फर्स्ट बैंक से जुड़े खातों और लेन-देन की पूरी जानकारी दो दिन के भीतर उपलब्ध कराएं।

कौन-कौन गिरफ्तार

विजिलेंस ब्यूरो के डीजी एएस चावला** के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:**

  • रिभव ऋषि – चंडीगढ़ सेक्टर-32 स्थित IDFC फर्स्ट बैंक के पूर्व ब्रांच हेड
  • अभय कुमार – बैंक के पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर
  • स्वाति सिंगला – निजी फर्म संचालक
  • अभिषेक सिंगला – स्वाति सिंगला के भाई व बिजनेस पार्टनर

जांच में सामने आया है कि रिभव ऋषि और अभय कुमार इस घोटाले के कथित मास्टरमाइंड हैं।

कहां गया पैसा

जांच एजेंसियों के मुताबिक, घोटाले की कुल रकम में से करीब 300 करोड़ रुपये
‘स्वस्तिक देश प्रोजेक्ट’ नाम की निजी फर्म के खातों में ट्रांसफर किए गए।

  • फर्म में स्वाति सिंगला की 75% हिस्सेदारी
  • अभिषेक सिंगला की 25% हिस्सेदारी
  • खुलासा हुआ कि स्वाति सिंगला, आरोपी अभय कुमार की पत्नी हैं

556 करोड़ रुपये रिकवर

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में जानकारी दी कि—

  • 24 घंटे के भीतर 556 करोड़ रुपये बरामद
  • इसमें 22 करोड़ रुपये ब्याज शामिल
  • शेष राशि की मनी ट्रेल जांच जारी

अधिकारियों का कहना है कि बाकी रकम छोटे खातों और सरकारी लेन-देन से जुड़ी हो सकती है, जिनमें चंडीगढ़ प्रशासन से संबंधित खाते भी शामिल हैं।

SIT गठित, कई गंभीर धाराएं

मामले की जांच के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारी गंगा राम पुनिया की निगरानी में SIT बनाई गई है।

केस दर्ज किया गया है:

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम
  • भारतीय न्याय संहिता (BNS)
  • धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, जालसाजी और साजिश की धाराएं

सरकारी काम से हटाया गया बैंक

जांच के बाद IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को
हरियाणा सरकार ने सरकारी कामकाज से डी-एम्पैनल कर दिया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने CBI जांच की मांग की
  • कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई
  • मुख्यमंत्री सैनी बोले— “दोषियों को किसी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा”

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