टूरिस्ट वीजा पर गए कई पंजाबी दुबई में फंसे: वीजा-पैसे खत्म होने की कगार पर, हेल्पलाइन पर 150 से ज्यादा कॉल

Punjabi Doordarshan | चंडीगढ़ डेस्क

चंडीगढ़:
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच पंजाब से टूरिस्ट वीजा पर अरब देशों में गए कई लोग फंस गए हैं। सबसे ज्यादा मामले दुबई से सामने आ रहे हैं। इस संबंध में पंजाब के एनआरआई मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी साझा की।

हेल्पलाइन पर लगातार आ रही कॉल

मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर पर सुबह से अब तक करीब 150 से अधिक कॉल आ चुकी हैं। फंसे हुए लोगों का कहना है कि उनके वीजा की अवधि समाप्त होने वाली है और आर्थिक संसाधन भी खत्म हो रहे हैं। कई यात्रियों की फ्लाइट्स बार-बार रद्द हो रही हैं, जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

बताया गया कि कुछ लोग टूरिस्ट वीजा पर गए थे, जबकि कुछ श्रमिक, कर्मचारी या अन्य वीजा श्रेणियों में वहां रुके हुए हैं।

दूतावासों से संपर्क की कोशिश

सरकार ने विभिन्न देशों में भारतीय दूतावासों के संपर्क नंबर साझा किए हैं, ताकि जरूरतमंद सीधे संपर्क कर सकें। हालांकि, ओमान की एंबेसी से संपर्क स्थापित करने में कठिनाई आ रही है। राज्य सरकार ने इस मामले में संबंधित मंत्रालय से समन्वय भी किया है।

केंद्र सरकार से समय की मांग

मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विदेश मंत्रालय से मिलने के लिए समय मांगा है, ताकि विदेशों में फंसे पंजाबियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। अब तक मंत्रालय की ओर से औपचारिक समय नहीं मिला है, हालांकि दोबारा रिमाइंडर भेजा गया है।

पर्यटन सीजन में बढ़ी संख्या

अक्टूबर से मार्च तक मध्य पूर्व में पर्यटन का सीजन होता है। सीमित बजट के साथ गए कई लोग अब वीजा समाप्ति और महंगी टिकटों के कारण संकट में हैं। मंत्री ने एयरलाइंस कंपनियों द्वारा कथित ओवरचार्जिंग पर भी रोक लगाने की मांग की है।

उड़ानों की स्थिति

फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से कोई विशेष रेस्क्यू फ्लाइट घोषित नहीं की गई है। हालांकि, अबू धाबी से कुछ उड़ानें शुरू हुई हैं और उम्मीद है कि यूएई से भी नियमित उड़ानें जल्द बहाल होंगी। अभी दो-तीन फ्लाइट्स सीमित रूप से संचालित हो रही हैं।

डीसी के साथ विशेष बैठक

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के सभी उपायुक्तों (DCs) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की गई। बैठक में मध्य पूर्व में रह रहे पंजाबियों की सुरक्षा और संभावित वापसी को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।

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