पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: 3 डिजिटल यूनिवर्सिटी को मंजूरी, प्राइवेट स्कूल फीस 5% सीमा, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को राहत

पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: 3 डिजिटल यूनिवर्सिटी को मंजूरी, स्कूल फीस पर 5% सीमा, कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को राहत

मोहाली: मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट बैठक में शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। सरकार ने निजी स्कूलों की फीस पर नियंत्रण, तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी की स्थापना, आउटसोर्स कर्मचारियों को राहत और पर्यावरण संरक्षण के लिए नए कानून को मंजूरी दी है।

निजी स्कूल फीस पर सख्ती

कैबिनेट ने फीस रेगुलेशन संशोधन बिल-2026 को मंजूरी देते हुए इसे अध्यादेश (ऑर्डिनेंस) के रूप में लागू करने का फैसला किया।

मुख्य प्रावधान:

  • निजी स्कूल सालाना अधिकतम 5% तक ही फीस बढ़ा सकेंगे।
  • फीस की निगरानी के लिए रेगुलेटरी अथॉरिटी बनाई जाएगी।
  • जरूरत पड़ने पर स्कूलों का फोरेंसिक ऑडिट भी कराया जा सकेगा।

आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत

सरकार ने लगातार 5 वर्ष से सेवाएं दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट व्यवस्था के तहत लाने का फैसला किया है।

  • संबंधित विधेयक विधानसभा में पेश किया जाएगा।
  • चूंकि यह मनी बिल है, इसलिए राज्यपाल की मंजूरी के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

1600 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं बढ़ीं

कैबिनेट ने विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की सेवाएं 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने को मंजूरी दी।

इनमें शामिल हैं:

  • 582 सर्विस प्रोवाइडर (ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग)
  • 449 वेटरनरी फार्मासिस्ट
  • 551 सफाई सेवक

तीन नई डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पंजाब में तीन डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएंगी।

  • क्लाउड यूनिवर्सिटी – गांव बोहन, जिला होशियारपुर
  • एमएस डिजिटल यूनिवर्सिटी – गांव फतेहपुर, जिला पटियाला
  • फिजिक्सवाल डिजिटल यूनिवर्सिटी – गांव आनंदपुर, जिला पटियाला

इन संस्थानों में विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यम से उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

PWD में 19 नए पद

कैबिनेट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में सिविल ड्राफ्ट्समैन के 19 नए पद सृजित करने को भी मंजूरी दी।

पर्यावरण संरक्षण के लिए नया कानून

कैबिनेट ने पंजाब प्रोटेक्शन ऑफ ट्रीज बिल-2026 को भी मंजूरी दी।

नए कानून के तहत:

  • एक पेड़ काटने पर 10 नए पेड़ लगाना अनिवार्य होगा।
  • पहली बार नियम तोड़ने पर ₹10,000 प्रति पेड़ जुर्माना।
  • दूसरी बार उल्लंघन पर ₹35,000 प्रति पेड़ जुर्माना।
  • बार-बार नियम तोड़ने पर और अधिक कड़ी कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, कर्मचारियों को राहत देना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

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