Amritsar ASI Murder: पुलिस ने ASI हरजीत सिंह हत्याकांड के आरोपी शूटर को एनकाउंटर में मार गिराया, दूसरा फरार

Amritsar ASI Murder: पुलिस ने ASI हरजीत सिंह हत्याकांड के आरोपी शूटर को एनकाउंटर में मार गिराया, दूसरा फरार

अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी शूटर को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान आरोपी का एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं।

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल के अनुसार, पुलिस जांच में इस वारदात के पीछे सीमा पार बैठे हैंडलर्स से जुड़े नेटवर्क की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि ASI की हत्या का वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजने की योजना थी।

नाके पर रोकने पर पुलिस पर फायरिंग का दावा

पुलिस के अनुसार, ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद CCTV फुटेज, मोबाइल डंप और अन्य तकनीकी जानकारी के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। जांच में एक काले रंग की काइनेटिक स्कूटी के बारे में भी सुराग मिला।

पुलिस को सूचना मिली थी कि संदिग्ध इलाके में घूम रहे हैं और दोबारा किसी पुलिसकर्मी को निशाना बना सकते हैं। इसके बाद शनिवार दोपहर से अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी की गई।

रात करीब 10 बजे थांदे रोड पर पुलिस टीम ने स्कूटी सवार दो युवकों को रुकने का इशारा किया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने रुकने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश की।

पुलिस की जवाबी फायरिंग में दीपक की मौत

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आरोपियों की ओर से करीब चार गोलियां चलाई गईं। इनमें दो गोलियां पुलिस वाहन में लगीं, जबकि एक गोली CIA स्टाफ के जवान की छाती पर लगी। बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से जवान की जान बच गई।

इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में छह गोलियां चलाने की बात कही है। इनमें से एक गोली आरोपी को लगी। घायल हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान दीपक सिंह निवासी मूलेचक के रूप में हुई है। उसका दूसरा साथी मौके से फरार हो गया।

पुलिस का दावा- हत्या के बाद वीडियो भेजना था

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों को किसी भी पुलिसकर्मी को निशाना बनाने का टारगेट दिया गया था। पुलिस का कहना है कि ASI हरजीत सिंह की पहले से कोई रेकी नहीं की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, जिस समय हरजीत सिंह ड्यूटी पर मिले, उन्हें निशाना बना दिया गया। जांच में यह भी दावा किया गया है कि हत्या के बाद शूटर्स ने घटना का वीडियो बनाया था, जिसे सीमा पार बैठे कथित हैंडलर्स को भेजा जाना था।

पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर रही है। इसके जरिए विदेशी संपर्कों, पैसों के लेन-देन और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।

हथियार और नशे की सप्लाई का भी दावा

पुलिस का आरोप है कि वारदात के पीछे का मकसद केवल हत्या तक सीमित नहीं था। जांच के अनुसार, कथित हैंडलर्स का भरोसा जीतने के बाद आरोपियों को हथियार और नशीले पदार्थों की सप्लाई से जोड़ने की योजना थी।

पुलिस का कहना है कि शुरुआत में युवकों को पैसों का लालच दिया गया था और बाद में उन्हें बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनाने की योजना थी।

पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक सिंह को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के गैंग और कथित आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा होने का दावा किया है। इन दावों की जांच जारी है।

18 सितंबर को हुई थी ASI हरजीत सिंह की हत्या

तरनतारन निवासी ASI हरजीत सिंह अमृतसर के गेट हकीमा थाने में तैनात थे। पुलिस के अनुसार, 18 सितंबर की रात करीब 2:30 बजे वह दाना मंडी इलाके में बाइक से गश्त कर रहे थे।

इसी दौरान बाइक पर आए दो हमलावरों ने उन पर नजदीक से फायरिंग की। गोली उनकी गर्दन में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई।

DGP गौरव यादव भी घटना के बाद अमृतसर पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार, मौके से .30 बोर की पिस्टल का खोखा बरामद हुआ था।

TTH नाम के संगठन ने ली थी जिम्मेदारी

हमले के बाद ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ (TTH) नाम के एक संगठन की ओर से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा सामने आया था। संगठन की ओर से आगे भी पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाने की धमकी दिए जाने की बात कही गई।

हालांकि, पुलिस ने संगठन के इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की थी। पुलिस ने इतना जरूर कहा था कि मामले में सीमा पार कनेक्शन की जांच की जा रही है।

आरोपी के पिता ने पाकिस्तान कनेक्शन से जताई अनजान होने की बात

मुठभेड़ में मारे गए दीपक सिंह के पिता बलविंदर सिंह ने बताया कि उनका बेटा पहले काम करता था, लेकिन बाद में नशे की गिरफ्त में आ गया और कुछ युवकों के साथ रहने लगा।

पिता के मुताबिक, पुलिस पिछले कुछ दिनों से दीपक की तलाश कर रही थी और उनके घर की तलाशी भी ली गई थी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस स्कूटी को पुलिस ने कब्जे में लिया, वह उनके नाम की है।

पाकिस्तान से बेटे के कथित संबंधों के बारे में पूछे जाने पर पिता ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि बेटे की नशे की समस्या के चलते परिवार को आर्थिक परेशानी भी हुई और उनका घर करीब ₹3.5 लाख में गिरवी रखा गया था।

दूसरे आरोपी की तलाश जारी

फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है। साथ ही मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन, हथियारों की सप्लाई और कथित विदेशी हैंडलर्स से संपर्क की जांच की जा रही है।

पुलिस द्वारा बताए गए सीमा पार नेटवर्क और आतंकी कनेक्शन से जुड़े दावे जांच का हिस्सा हैं। इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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