होर्मुज संकट का असर: देश में गैस सिलेंडरों की किल्लत, सप्लाई में देरी से उपभोक्ता परेशान

Punjabi Doordarshan | विशेष रिपोर्ट

होर्मुज जलडमरूमध्य संकट का असर, गैस सप्लाई प्रभावित

जालंधर, 4 मई 2026:
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव का असर अब देश में रसोई गैस की आपूर्ति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी भू-राजनीतिक गतिरोध के कारण गैस सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों प्रकार के सिलेंडरों की उपलब्धता पर असर पड़ा है।

सिलेंडर मिलने में 20–25 दिन की देरी

उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी में अब 20 से 25 दिनों तक की देरी हो रही है। बुकिंग के बावजूद समय पर सप्लाई नहीं मिल रही, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

व्यापारियों पर भी असर

होटल, ढाबा और छोटे व्यवसायों से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस की कमी के कारण उनका काम प्रभावित हो रहा है। कई जगहों पर उत्पादन और सेवाओं में भी बाधा आ रही है, जिससे आर्थिक नुकसान की स्थिति बन रही है।

कालाबाजारी और अनियमित सप्लाई के आरोप

कुछ उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि गैस एजेंसियां इस कमी का फायदा उठाकर मनमानी कर रही हैं और सप्लाई में पारदर्शिता की कमी है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है संकट

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती, तो गैस संकट और गहरा सकता है। इससे सप्लाई चेन पर और दबाव पड़ने की आशंका है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति ज्यादा गंभीर

ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। सीमित संसाधनों के कारण लोगों को कई बार एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कुछ परिवारों को वैकल्पिक ईंधन जैसे लकड़ी का उपयोग करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सरकार से हस्तक्षेप की मांग

स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से गैस सप्लाई को सुचारू करने और किसी भी तरह की अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

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