पंजाब बोर्ड में टॉपर्स के लिए बड़ा बदलाव: समान अंक वालों को मिलेगा बराबर रैंक, CM मान ने मौके पर बदला नियम

पंजाब बोर्ड में टॉपर्स के लिए बड़ा बदलाव: समान अंक वालों को मिलेगा बराबर रैंक, CM मान ने मौके पर बदला नियम

चंडीगढ़: पंजाब में बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स की रैंकिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब समान अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की रैंकिंग जन्मतिथि (Date of Birth) के आधार पर तय नहीं की जाएगी। ऐसे सभी विद्यार्थियों को समान स्थान और समान सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह घोषणा चंडीगढ़ में आयोजित एक सम्मान समारोह के दौरान की।

छात्रा ने उठाया व्यवस्था पर सवाल

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने मौजूदा रैंकिंग प्रणाली पर सवाल उठाया। छात्रा ने बताया कि उसके जिले में तीन छात्राओं ने एक समान अंक प्राप्त किए थे, लेकिन जन्मतिथि के आधार पर उन्हें अलग-अलग स्थान दिए गए।

छात्रा का कहना था कि जब सभी विद्यार्थियों के अंक समान हैं और उन्होंने बराबर मेहनत की है, तो केवल उम्र के आधार पर किसी एक को प्रथम और अन्य को दूसरे या तीसरे स्थान पर रखना उचित नहीं है।

कार्यक्रम में गूंजी तालियां

छात्रा की बात सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने तालियों से उसका समर्थन किया। शिक्षा से जुड़े वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने भी उसकी बात को गंभीरता से सुना। छात्रा ने कहा कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को समान उपलब्धि का दर्जा मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने तुरंत दिए निर्देश

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने छात्रा की बात से सहमति जताते हुए अधिकारियों को तत्काल व्यवस्था में बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि दो या अधिक विद्यार्थियों के अंक समान होंगे, तो सभी को संयुक्त रूप से समान रैंक दी जाएगी और सम्मानित भी समान रूप से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभा का मूल्यांकन निष्पक्ष तरीके से होना चाहिए और विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए।

‘सितारे ज़मीन पर’ कार्यक्रम में लिया गया फैसला

यह घोषणा पंजाब शिक्षा विभाग द्वारा चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आयोजित ‘सितारे ज़मीन पर’ कार्यक्रम के दौरान की गई। कार्यक्रम में राज्यभर के बोर्ड परीक्षा टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में कदम

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला विद्यार्थियों के बीच निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और समान अवसर की भावना को मजबूत करेगा। इससे भविष्य में समान अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को रैंकिंग से जुड़ी असमानता का सामना नहीं करना पड़ेगा।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंजाब बोर्ड में टॉपर्स की सूची तैयार करते समय समान अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को संयुक्त रूप से समान स्थान दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *