SC वर्ग पर टिप्पणी मामले में केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को नोटिस, 4 जून को आयोग के समक्ष पेश होने के निर्देश
चंडीगढ़: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू एक बार फिर चर्चा में हैं। अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से संबंधित कथित टिप्पणी को लेकर पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने उन्हें नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है। आयोग ने उन्हें 4 जून को पेश होने के निर्देश दिए हैं।
मामला सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। आयोग का कहना है कि उसे संबंधित बयान के बारे में शिकायतें और जानकारी प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद मामले का संज्ञान लिया गया।
आयोग ने मांगी थी रिपोर्ट
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी के अनुसार, संबंधित घटना के संबंध में स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट भी मांगी गई थी। रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आयोग ने मामले की विस्तृत सुनवाई करने का निर्णय लिया और केंद्रीय मंत्री को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है।
आयोग का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बयान के बाद शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, यह विवाद धूरी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयान के बाद शुरू हुआ। बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसके बाद विभिन्न संगठनों और लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
मामले को लेकर कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी किए गए और संबंधित बयान पर आपत्ति जताई गई।
सार्वजनिक रूप से व्यक्त किया खेद
विवाद बढ़ने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि यदि उनकी किसी बात से किसी वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका दुख है।
हालांकि, मामले को लेकर आयोग ने स्वतंत्र रूप से प्रक्रिया जारी रखने का फैसला किया है और संबंधित पक्षों से तथ्यात्मक जानकारी प्राप्त की जा रही है।
4 जून को होगी सुनवाई
अब सभी की नजर 4 जून को होने वाली सुनवाई पर है, जहां केंद्रीय मंत्री आयोग के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं। आयोग द्वारा सुनवाई के बाद उपलब्ध तथ्यों और जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में है तथा आयोग की अंतिम टिप्पणी या निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

