पठानकोट में पुलिस कांस्टेबल की मौत पर 3 के खिलाफ FIR: परिवार का आरोप- बेटे को आत्महत्या के लिए किया मजबूर, आज होगा पोस्टमार्टम
पठानकोट: पंजाब के पठानकोट में 21 वर्षीय पुलिस कांस्टेबल युवराज की मौत के मामले में थाना डिवीजन नंबर-2 में तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने तक मृतक के परिजन, रिश्तेदार और दोस्त सिविल अस्पताल के बाहर देर रात तक धरने पर बैठे रहे। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
पुलिस ने इस मामले में अमन, उसकी बेटी जैसिका और भाई लवली के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
आज होगा पोस्टमार्टम
सोमवार दोपहर युवराज का शव सिंबली गुजरां स्थित चक्की दरिया से बरामद किया गया था। शव की पहचान होने के बाद पुलिस और परिजन उसे सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन शाम अधिक हो जाने के कारण उसी दिन पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
अब मंगलवार को सिविल अस्पताल में युवराज के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
परिवार का आरोप- बेटे को प्रताड़ित किया गया
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सरना क्षेत्र की रहने वाली मां-बेटी और उनके परिवार के अन्य सदस्य युवराज को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और उसे मरने के लिए मजबूर किया गया।
परिवार ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी करने और आरोपियों को बचाने का भी आरोप लगाया। इसी के विरोध में परिजनों ने सिविल अस्पताल के बाहर धरना शुरू कर दिया, जो देर रात तक जारी रहा।
देर रात तक चला धरना, लगा जाम
धरने के कारण ओल्ड शाहपुर रोड पर लंबा जाम लग गया। सिविल अस्पताल और उसके सामने स्थित पेट्रोल पंप पर आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, कई लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर अपने गंतव्य तक पहुंचने की कोशिश की।
11 जून को ड्यूटी पर निकला था युवराज
युवराज के पिता भी पंजाब पुलिस में कार्यरत थे, जिनका चार वर्ष पहले निधन हो गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में युवराज को अनुकंपा के आधार पर पंजाब पुलिस में नौकरी मिली थी।
परिजनों के अनुसार, 11 जून को युवराज घर से ड्यूटी के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन परिवार को सूचना मिली कि उसकी थार गाड़ी यूबीडीसी नहर के किनारे खड़ी मिली है। इसके बाद आशंका जताई गई कि उसने नहर में छलांग लगा दी है।
पिछले पांच दिनों से एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम उसकी तलाश कर रही थी। बाद में उसका शव चक्की दरिया से बरामद हुआ।
कपूरथला में चल रही थी ट्रेनिंग
युवराज के भाई नितिन ने बताया कि वह इन दिनों कपूरथला में प्रशिक्षण ले रहा था। उसका मोबाइल फोन भी पिछले कई दिनों से बंद था।
नितिन के मुताबिक, 12 जून को एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने बताया कि युवराज की गाड़ी धीरा पुल के पास नहर किनारे खड़ी है। इसके बाद परिवार मौके पर पहुंचा और पुलिस से युवराज की तलाश करने की मांग की।
मां ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की मां पूजा ने रोते हुए कहा कि उनका बेटा उन्हें बताता था कि कुछ लोग उसे लगातार परेशान कर रहे हैं और मानसिक दबाव बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमने पुलिस को पहले भी बयान दिए थे, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी गई। मेरे बेटे को मरने के लिए मजबूर किया गया है और उसकी मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
पठानकोट में पुलिस कांस्टेबल युवराज की मौत के मामले में तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। परिजनों ने देर रात तक धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। आज सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम होगा।

