अमृतसर: पंजाब के अमृतसर जिले के गांव सैदपुर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। एक पुराने मकान को गिराने के दौरान अचानक लैंटर गिरने से ऐतिहासिक गुरुद्वारा दमदमा साहिब भिंडी औलख के मुख्य सेवादार बाबा मुख्तार सिंह और एक युवक की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में एक पुराने मकान को हटाने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान बाबा मुख्तार सिंह और अजयपाल सिंह परिवार की मदद के लिए वहां मौजूद थे। काम के दौरान अचानक मकान का लैंटर भरभराकर गिर गया और दोनों मलबे के नीचे दब गए।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और दोनों घायलों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि बाबा मुख्तार सिंह ऐतिहासिक गुरुद्वारा दमदमा साहिब भिंडी औलख के मुख्य सेवादार थे और लंबे समय से धार्मिक सेवा से जुड़े हुए थे। उनके निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु, स्थानीय निवासी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।
इस दुखद घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है। श्रद्धालुओं ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए अरदास की और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पुरानी इमारत को गिराने के दौरान सुरक्षा संबंधी उपाय पर्याप्त थे या नहीं।
यह घटना पुराने और जर्जर भवनों को हटाने के दौरान सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित करती है।

