Punjab Congress News: चरणजीत चन्नी के इस्तीफे की चर्चा तेज, दिल्ली बैठक में हाईकमान के सामने राजा वड़िंग के नेतृत्व पर उठाए सवाल

कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी खींचतान, चरणजीत चन्नी के इस्तीफे की अटकलें तेज; हाईकमान संग बैठक में हुई तीखी बहस

चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर एक बार फिर अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के साथ हुई बैठक में प्रदेश नेतृत्व को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। इसी के बाद उनके 2027 विधानसभा चुनाव की कैंपेन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। हालांकि, चन्नी के करीबी नेताओं ने इस्तीफे की खबरों से इनकार किया है।

दिल्ली बैठक में नेतृत्व को लेकर हुई तीखी बहस

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान चन्नी गुट ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठाए।

बताया जा रहा है कि बैठक में चन्नी ने कहा कि मौजूदा नेतृत्व में कांग्रेस के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव जीतना मुश्किल होगा। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि यदि पार्टी राजा वड़िंग के नेतृत्व में चुनाव लड़ती है तो उसके परिणाम की जिम्मेदारी भी नेतृत्व को ही उठानी होगी।

हाईकमान ने राजा वड़िंग के नेतृत्व पर जताया भरोसा

बैठक के दौरान कांग्रेस हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बने रहेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव भी उनके नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, केसी वेणुगोपाल ने कहा कि राजा वड़िंग को हाईकमान ने अध्यक्ष नियुक्त किया है और संगठन को लेकर पार्टी को उन पर पूरा भरोसा है।

इस्तीफे की चर्चा क्यों शुरू हुई?

बैठक के दौरान जब हाईकमान की ओर से चन्नी और उनके समर्थक नेताओं को पार्टी में मिले पदों का हवाला देते हुए एकजुट होकर काम करने की बात कही गई, तब चन्नी ने कथित तौर पर कहा कि यदि ऐसा है तो वह कैंपेन कमेटी के चेयरमैन पद से इस्तीफा देने को तैयार हैं

हालांकि, बैठक के बाद चन्नी के करीबी नेताओं ने कहा कि उनके इस्तीफे का कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन बैठक में तीखी बहस होने की बात स्वीकार की।

राहुल गांधी की प्रस्तावित बस यात्रा पर भी चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी की प्रस्तावित पंजाब बस यात्रा पर भी चर्चा हुई। हालांकि, पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को देखते हुए इस कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने पर विचार किया गया। इसके स्थान पर राज्य में चार बड़ी जनसभाएं आयोजित करने का सुझाव दिया गया।

बताया जा रहा है कि चन्नी गुट ने कहा कि वे राहुल गांधी के कार्यक्रमों में भाग लेंगे, लेकिन नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर भी हाईकमान को विचार करना चाहिए।

बैठक के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं

बैठक समाप्त होने के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोशल मीडिया पर बैठक की तस्वीरें साझा कीं, लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं की ओर से ऐसी कोई पोस्ट नहीं की गई। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

कांग्रेस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं

फिलहाल कांग्रेस की ओर से चन्नी के इस्तीफे या नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं, सामने आई अधिकांश जानकारी पार्टी सूत्रों और बैठक में मौजूद नेताओं के हवाले से है। आने वाले दिनों में कांग्रेस हाईकमान के फैसले पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

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