पंजाब-चंडीगढ़ में अगले 4 दिन भारी बारिश का अलर्ट, 28-29 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट
पंजाबी दूरदर्शन | मोहाली
पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने आज से अगले चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। 28 और 29 जुलाई के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है।
कई जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका
चंडीगढ़ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है।
इसके अलावा अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर), मोहाली, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
तापमान में बढ़ोतरी दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकतम तापमान में लगभग 1.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। सबसे अधिक 36.8 डिग्री सेल्सियस तापमान बठिंडा में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, चंडीगढ़ में हालिया बारिश के दौरान करीब 40 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
क्यों सक्रिय हुआ मानसून?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राजस्थान के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का रुख बदला है। इसी वजह से अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
बिजली की मांग 13,967 मेगावाट पहुंची
राज्य में रविवार को बिजली की अधिकतम मांग 13,967 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान पंजाब के बिजलीघरों ने 4,417 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया, जबकि शेष बिजली अन्य स्रोतों से उपलब्ध कराई गई। अधिकारियों के अनुसार, आवंटन में कुछ कमी रहने के बावजूद पूरे राज्य में बिजली आपूर्ति सामान्य बनी रही।
डैम की स्थिति सामान्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के प्रमुख बांधों में जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। हालांकि, लगातार बारिश की संभावना को देखते हुए संबंधित विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
लोगों के लिए सलाह
- भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- गरज-चमक के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी ताजा एडवाइजरी का पालन करें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

