सुप्रीम कोर्ट ने AAP मंत्री संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका खारिज की
पंजाबी दूरदर्शन | लुधियाना
प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े एक मामले में पंजाब के कैबिनेट मंत्री और लुधियाना पश्चिम से विधायक संजीव अरोड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च अदालत ने मेडिकल आधार पर दायर उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
एम्स की रिपोर्ट के बाद आया फैसला
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली से संजीव अरोड़ा की मेडिकल रिपोर्ट तलब की थी। रिपोर्ट मिलने और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
इसके साथ ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
फिलहाल जेल में ही रहेंगे
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संजीव अरोड़ा फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। इससे पहले उन्होंने गुरुग्राम की अदालत में जेल के दौरान घर का खाना और वाटर कूलर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया था।
कब दाखिल की गई थी याचिका?
संजीव अरोड़ा ने 18 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। इसके बाद अदालत ने क्रमिक सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब मांगा और मेडिकल स्थिति का स्वतंत्र आकलन कराने के लिए एम्स से रिपोर्ट तलब की।
मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड और रिपोर्ट के आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया।
मामला क्या है?
संजीव अरोड़ा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच से संबंधित मामला लंबित है। इस मामले की सुनवाई और अन्य कानूनी प्रक्रिया संबंधित अदालतों में जारी है।

