कनाडा में PGWP विवाद गहराया, कैलगरी में भारतीय छात्रों का प्रदर्शन; बड़ी संख्या में पंजाबी छात्र प्रभावित
पंजाबी दूरदर्शन | जालंधर/कैलगरी
कनाडा के अल्बर्टा प्रांत में पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) से जुड़े मामलों को लेकर भारतीय छात्रों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि पढ़ाई पूरी करने के बावजूद उनके वर्क परमिट आवेदन अस्वीकार कर दिए गए हैं। प्रभावित छात्रों में बड़ी संख्या पंजाब से जुड़े विद्यार्थियों की बताई जा रही है।
कुछ छात्र पिछले कई सप्ताह से कैलगरी में धरना दे रहे हैं, जबकि कुछ ने विरोध स्वरूप भूख हड़ताल भी शुरू की है।
छात्रों की क्या है शिकायत?
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि उन्होंने प्रवेश के समय लागू नियमों के आधार पर लाखों रुपये खर्च कर पढ़ाई पूरी की थी। उनका कहना है कि अब कुछ पाठ्यक्रमों को वर्क परमिट के लिए पात्र नहीं माना जा रहा, जिससे उनके आवेदन खारिज हो रहे हैं।
छात्रों का दावा है कि इससे उनके भविष्य पर अनिश्चितता छा गई है और कई लोग डिपोर्टेशन की आशंका के बीच मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
PGWP रिजेक्शन को लेकर उठे सवाल
प्रभावित छात्रों के अनुसार, उन्हें इमिग्रेशन, रिफ्यूजीज़ एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) की ओर से आवेदन अस्वीकृत होने के पत्र मिले हैं। उनका कहना है कि कुछ छात्रों को समान कोर्स के बावजूद वर्क परमिट मिल गया, जबकि अन्य के आवेदन खारिज कर दिए गए।
इन दावों की जांच और प्रत्येक मामले का अंतिम निर्णय कनाडाई इमिग्रेशन अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र में है।
अल्बर्टा सरकार का पक्ष
अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को सीधे तौर पर फर्जी नहीं कहा जा सकता, लेकिन यदि किसी संस्थान या अन्य पक्ष द्वारा स्थायी निवास (PR) या इमिग्रेशन प्रक्रिया को लेकर भ्रामक जानकारी दी गई है, तो उसकी जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों के पास वैध इमिग्रेशन स्टेटस नहीं होगा, उन्हें कनाडा के इमिग्रेशन कानूनों का पालन करना होगा।
गुरुद्वारा कमेटी ने बढ़ाया सहयोग
कैलगरी स्थित स्थानीय गुरुद्वारा प्रबंधन ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए भोजन और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की घोषणा की है। प्रबंधन ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी कठिन परिस्थिति में सहायता लेने से संकोच न करें।
कानूनी विशेषज्ञों की सलाह
इमिग्रेशन मामलों से जुड़े कानूनी विशेषज्ञों ने प्रभावित छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने मामलों की व्यक्तिगत कानूनी समीक्षा कराएं, आवश्यक होने पर निर्धारित समय सीमा के भीतर पुनर्विचार (Reconsideration) का अनुरोध करें या संबंधित अदालत में उपलब्ध कानूनी विकल्प अपनाएं।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जिन छात्रों के लिए संभव हो, वे अपने इमिग्रेशन स्टेटस को बनाए रखने के उपलब्ध वैधानिक विकल्पों पर विचार करें।
पंजाब के छात्रों पर असर
कनाडा में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों में पंजाब के विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक है। ऐसे में वर्क परमिट से जुड़े इस विवाद का प्रभाव पंजाब के अनेक परिवारों पर भी पड़ रहा है, जिन्होंने बच्चों की पढ़ाई के लिए बड़ी आर्थिक निवेश या ऋण लिया है।

