Punjab Government Employees Home Loan: मुलाजिमों को घर बनाने के लिए 75 लाख तक लोन, ब्याज में भी मिलेगी छूट

पंजाब सरकार के मुलाजिमों के लिए बड़ी सुविधा, घर बनाने को 75 लाख तक का होम लोन

चंडीगढ़: पंजाब सरकार के नियमित कर्मचारियों के लिए अपना घर बनाने या खरीदने का रास्ता अब आसान हो सकता है। पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, चंडीगढ़ ने सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष रियायती आवास ऋण योजना शुरू की है।

इस योजना का लाभ पंजाब सरकार के नियमित कर्मचारियों के अलावा बोर्ड, निगम, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और शीर्ष सहकारी संस्थाओं के नियमित कर्मचारी भी उठा सकेंगे। पात्र कर्मचारियों को उनकी आय और वेतन के आधार पर अधिकतम 75 लाख रुपए तक का आवास ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

7.25% तक की प्रभावी ब्याज दर

योजना के तहत सामान्य परिवर्तनीय ब्याज दर 8 प्रतिशत सालाना बताई गई है। हालांकि पात्र कर्मचारियों को अलग-अलग शर्तों के आधार पर ब्याज में रियायत मिलेगी।

अगर लोन की किस्त आईएचआरएमएस के माध्यम से वेतन से काटी जाती है तो सेवानिवृत्ति की उम्र तक 0.50 प्रतिशत की ब्याज छूट मिलेगी। वहीं, जिन कर्मचारियों का वेतन खाता पंजाब स्टेट कोऑपरेटिव बैंक में है, उन्हें अतिरिक्त 0.25 प्रतिशत की रियायत मिल सकती है।

इस तरह अधिकतम पात्र छूट मिलने पर प्रभावी ब्याज दर 7.25 प्रतिशत सालाना तक हो सकती है।

प्रोसेसिंग और प्री-पेमेंट चार्ज नहीं

इस होम लोन की खास बात यह है कि कर्मचारियों से प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी। इसके अलावा समय से पहले लोन चुकाने या लोन बंद करने पर भी अलग से शुल्क नहीं लिया जाएगा।

लोन लेने के लिए आवेदक को संपत्ति के मूल दस्तावेज बैंक के पास गिरवी रखने होंगे। साथ ही कम से कम 650 का CIBIL स्कोर जरूरी होगा। KYC, आय से संबंधित दस्तावेज, संपत्ति के कागजात, कानूनी राय और मूल्यांकन रिपोर्ट सहित अन्य जरूरी दस्तावेज भी जमा करने होंगे।

प्लॉट से लेकर मकान और फ्लैट तक के लिए लोन

कर्मचारी इस योजना के तहत अलग-अलग जरूरतों के लिए आवास ऋण ले सकते हैं। इसमें प्लॉट खरीदकर मकान बनाना, तैयार मकान खरीदना, मकान का निर्माण और स्वीकृत योजना के तहत फ्लैट खरीदना शामिल है।

इसके अलावा किसी दूसरे बैंक या वित्तीय संस्थान से लिए गए पात्र होम लोन को भी इस योजना के तहत ट्रांसफर कराया जा सकता है।

बैंक परियोजना की कुल लागत का अधिकतम 85 प्रतिशत तक वित्तपोषण कर सकता है। हालांकि केवल प्लॉट खरीदने की स्थिति में प्लॉट की कीमत कुल स्वीकृत लोन राशि के 75 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती।

30 साल तक मिल सकती है लोन अवधि

कर्मचारियों को लोन चुकाने के लिए अधिकतम 30 वर्ष तक की अवधि का विकल्प मिलेगा। हालांकि लोन की अवधि उधारकर्ता की 70 वर्ष की आयु तक ही सीमित रहेगी। दोनों में से जो अवधि पहले पूरी होगी, वही लागू होगी।

योजना के तहत मिलने वाली ब्याज रियायत कुछ निर्धारित शर्तों के अधीन होगी। यदि कर्मचारी योजना की शर्तों का उल्लंघन करता है तो उसे मिली ब्याज छूट वापस ली जा सकती है और सामान्य ब्याज दर लागू हो सकती है।

पात्र कर्मचारी अपनी इच्छा और लागत पर वैकल्पिक जीवन बीमा कवर लेने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

कर्मचारियों के लिए क्यों खास है योजना?

  • अधिकतम 75 लाख रुपए तक होम लोन
  • प्रभावी ब्याज दर 7.25% तक
  • प्रोसेसिंग फीस नहीं
  • समय से पहले लोन चुकाने पर शुल्क नहीं
  • अधिकतम 30 साल तक की repayment अवधि
  • प्लॉट, मकान और फ्लैट खरीदने के लिए सुविधा
  • दूसरे बैंक का पात्र होम लोन ट्रांसफर कराने का विकल्प

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *