Punjab DA विवाद: CM भगवंत मान सरकार HC के आदेश को SC में देगी चुनौती, कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी

DA विवाद पर पंजाब सरकार और मुलाजिम आमने-सामने, HC के आदेश को SC में चुनौती देगी सरकार

लुधियाना | पंजाब

पंजाब में महंगाई भत्ते (DA) को लेकर राज्य सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के DA जारी करने संबंधी आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। दूसरी ओर, कर्मचारी संगठनों ने भी आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।

सरकार को 31 अगस्त को हाईकोर्ट में DA से जुड़े आदेश पर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करनी है। इससे पहले कर्मचारी संगठनों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर की जा चुकी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि सरकार हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाती है, तो कर्मचारियों का पक्ष सुने बिना कोई अंतरिम आदेश या स्टे जारी न किया जाए।

कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया

लुधियाना में रविवार को कर्मचारी संगठनों की बैठक करीब तीन घंटे चली। बैठक के बाद सांझे मोर्चे ने सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार की ओर से कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर जारी पत्र को 7 सितंबर तक वापस लिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर 8 सितंबर को सामूहिक छुट्टी लेने और 12 व 13 सितंबर को पंजाब सरकार के मंत्रियों के आवासों का घेराव करने का ऐलान किया गया है।

‘मुख्यमंत्री की चंडीगढ़ से गांव सतोज वापसी’ अभियान

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के खिलाफ एक अलग अभियान शुरू करने की भी घोषणा की है। इसे ‘मुख्यमंत्री की चंडीगढ़ सचिवालय से गांव सतोज वापसी’ नाम दिया गया है।

संगठनों का कहना है कि अपनी मांगों को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। हालांकि, यह कर्मचारियों की ओर से घोषित राजनीतिक विरोध का हिस्सा है और इसके तहत अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है।

चंडीगढ़ में लगाएंगे ‘मुलाजिम विधानसभा’

कर्मचारी नेताओं ने चंडीगढ़ में ‘मुलाजिम विधानसभा’ आयोजित करने की भी घोषणा की। इसमें पंजाब के 117 विधायकों और 13 लोकसभा सांसदों को आमंत्रित करने की बात कही गई है।

नेताओं के मुताबिक, कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के लिए सीटें लगाई जाएंगी और कर्मचारियों व पेंशनरों की मांगों को लेकर उनसे सवाल किए जाएंगे।

सरकार के नोटिस पर कर्मचारियों में नाराजगी

कर्मचारी संगठनों ने सरकार की ओर से जारी शोकॉज नोटिसों को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं और सरकार को कार्रवाई से संबंधित पत्र वापस लेना चाहिए।

संगठनों के अनुसार, वे कुल नौ मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगों पर समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।

किसान संगठनों के मोर्चे को भी समर्थन

सांझी तालमेल कमेटी ने संयुक्त किसान मोर्चे से जुड़े संगठनों की ओर से चंडीगढ़ में चलाए जा रहे विरोध प्रदर्शन को समर्थन देने का फैसला किया है। कर्मचारी संगठन 1 से 7 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने की बात कह रहे हैं।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उनकी लड़ाई अब केवल DA तक सीमित नहीं रही, बल्कि सरकारी नीतियों और कर्मचारियों से जुड़े व्यापक मुद्दों को लेकर है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सरकारी विभागों से जुड़े मुद्दों को भी आंदोलन से जोड़ा।

सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव बढ़ा

DA को लेकर पंजाब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच कानूनी और सड़क पर दोनों मोर्चों पर संघर्ष जारी है। एक तरफ सरकार हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है, वहीं कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की रणनीति बना रहे हैं।

अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट में सरकार की संभावित याचिका और हाईकोर्ट में 31 अगस्त को दाखिल होने वाली अनुपालन रिपोर्ट पर रहेगी।

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