पंजाब CM ऑफिस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में सुनवाई टली, 8 सितंबर को CBI-ED देगी जवाब
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी। गुरुवार को केंद्रीय जांच एजेंसियों की ओर से जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया था।
इस मामले में कोर्ट ने पहले ही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष के तौर पर जवाब मांगा है। अगली सुनवाई में CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अपना पक्ष अदालत के सामने रखने की उम्मीद है।
ED ने पंजाब DGP को तीन बार भेजे पत्र
पिछली सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट में बताया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब के पुलिस महानिदेशक को कथित भ्रष्टाचार से संबंधित जानकारी और सामग्री को लेकर तीन अलग-अलग पत्र भेजे थे।
अदालत के सामने रखी गई जानकारी के अनुसार ये पत्र 24 जुलाई, 30 जुलाई और 7 अगस्त 2026 को भेजे गए थे। बताया गया कि ED ने इन पत्रों के जरिए संबंधित मामले से जुड़ी जानकारी और उपलब्ध साक्ष्यों को पंजाब पुलिस के साथ साझा किया था।
केंद्रीय एजेंसी की ओर से कथित तौर पर पंजाब पुलिस से मामले में FIR दर्ज करने और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने का आग्रह भी किया गया था।
हाईकोर्ट ने CBI को भी बनाया पक्ष
मामले की पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने PIL नंबर 238/2026 पर सुनवाई करते हुए CBI को भी मामले में पक्षकार बनाया था। अदालत की ओर से संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
हालांकि, निर्धारित सुनवाई में संबंधित जवाब अदालत के समक्ष पेश नहीं हो सका। इसके बाद मामले की सुनवाई 8 सितंबर तक के लिए टाल दी गई।
ED के पत्रों पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान ED द्वारा पंजाब DGP को भेजे गए तीन पत्र भी चर्चा का विषय बने। अदालत में यह सवाल सामने आया कि यदि केंद्रीय एजेंसी ने पंजाब पुलिस को मामले से जुड़ी जानकारी और कथित साक्ष्य उपलब्ध करवाए थे, तो उन पर राज्य स्तर पर अब तक क्या कार्रवाई की गई।
इस पूरे मामले में अब अगली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि CBI और ED का पक्ष सामने आने के बाद अदालत के सामने मामले से जुड़े कई पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अकाली दल ने CM भगवंत मान से मांगा था जवाब
मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने भी मुख्यमंत्री भगवंत मान से सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देने की मांग की थी। अकाली दल के प्रवक्ता एडवोकेट अर्शदीप कलेर ने मामले को लेकर सरकार से जवाब मांगा था।
अकाली दल की ओर से आरोप लगाया गया था कि मुख्यमंत्री की तरफ से ED के पत्रों को लेकर अलग रुख सामने आया है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग भी उठाई थी।
वहीं, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल 8 सितंबर की सुनवाई पर CBI और ED के जवाब पर नजर रहेगी।

