राहुल गांधी से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग का बड़ा बयान, बोले- मैंने खुद दिया इस्तीफा
चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस की राजनीति में हलचल के बीच अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद अपने इस्तीफे को लेकर बड़ा बयान दिया है। वड़िंग ने कहा कि उन्होंने खुद राहुल गांधी को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंपा है। उनसे इस्तीफा मांगा नहीं गया था।
मुलाकात के बाद वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी से उन्हें बहुत प्यार और सम्मान मिला। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पंजाब में कांग्रेस की स्थिति, पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियों और भविष्य की रणनीति को लेकर भी राहुल गांधी के साथ चर्चा की।
साढ़े चार साल के अनुभव पर की चर्चा
राजा वड़िंग के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी के साथ अपने साढ़े चार साल के अनुभव साझा किए। इस दौरान पंजाब में कांग्रेस को आगे बढ़ाने, पार्टी की चुनौतियों और उनसे निपटने के संभावित तरीकों पर अपनी बात रखी।
वड़िंग ने कहा कि राहुल गांधी ने उन जैसे एक कार्यकर्ता को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका दिया, जिसके लिए वह उनके आभारी हैं। उन्होंने राहुल गांधी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जब भी पार्टी को उनकी जरूरत होगी, वह कांग्रेस के साथ खड़े रहेंगे।
‘मुझसे इस्तीफा नहीं मांगा गया’
इस्तीफे को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए वड़िंग ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से पद छोड़ा है। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया था और उन्होंने अपना इस्तीफा भी उन्हीं को सौंपा है।
वड़िंग ने कहा कि कोई भी व्यक्ति हमेशा किसी पद पर नहीं रह सकता। उनके मुताबिक, शीर्ष पद तक पहुंचना एक उपलब्धि है, लेकिन एक समय के बाद पद छोड़ना भी स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके बारे में दूसरे लोग क्या कहते हैं, इससे उन्हें खास फर्क नहीं पड़ता।
अब पार्टी में नई जिम्मेदारी का इंतजार
राजा वड़िंग के बयान के बाद पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन और आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो सकती हैं। हालांकि, उनके उत्तराधिकारी के नाम और पार्टी में उनकी अगली भूमिका को लेकर इस बयान में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
वड़िंग ने अपने बयान में कांग्रेस के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए संकेत दिया कि प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के बावजूद वह पार्टी के लिए काम करते रहेंगे।

