कनाडा में पंजाबी और मुस्लिम विरोधी पोस्टर से विवाद, पार्षद नवजीत कौर बराड़ को बनाया निशाना
कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में नगर निगम चुनाव के बीच नस्लीय और धार्मिक नफरत से जुड़ा मामला सामने आया है। यहां एक घर के दरवाजे पर पंजाबी और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक संदेशों वाले पोस्टर और स्टीकर लगाए गए। पोस्टरों पर ‘नो पंजाबी’ और ‘नो इस्लाम’ जैसे संदेश लिखे गए, जबकि इजराइल के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। इस घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों और प्रवासी पंजाबी समुदाय में नाराजगी देखने को मिल रही है।
इस मामले में ब्रैम्पटन की पार्षद नवजीत कौर बराड़ को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। वह आगामी नगर निगम चुनाव में दोबारा उम्मीदवार हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्टरों की तस्वीर साझा करते हुए इस घटना की निंदा की और समुदायों के बीच भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
पोस्टर पर नवजीत कौर बराड़ की तस्वीर पर बनाया क्रॉस
नवजीत कौर बराड़ की ओर से साझा की गई तस्वीर में एक घर के कांच के दरवाजे पर कई विवादित पोस्टर दिखाई दे रहे हैं। इनमें से एक पोस्टर पर पार्षद की तस्वीर के चेहरे पर लाल रंग से क्रॉस का निशान बनाया गया था। पोस्टर पर ‘नो इस्लाम’ और पंजाबी समुदाय के खिलाफ संदेश भी लिखे गए थे।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवार घर-घर जाकर प्रचार कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह के संदेशों को लेकर चुनावी माहौल में तनाव और समुदायों के बीच मतभेद बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नवजीत कौर बोलीं- ऐसी नफरत पूरे समुदाय की पहचान नहीं
नवजीत कौर बराड़ ने सोशल मीडिया पर घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि अपने ही समुदाय में पंजाबियों और दूसरे समुदायों के खिलाफ इस तरह की नफरत देखना बेहद परेशान करने वाला है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि कोई डिलीवरी कर्मचारी, पोस्टमैन या पंजाबी स्वयंसेवक ऐसे दरवाजे पर पहुंचे, तो उसे कैसा महसूस होगा। उनके मुताबिक, इस तरह के संदेश किसी व्यक्ति को यह एहसास करा सकते हैं कि उसका वहां स्वागत नहीं है।
नवजीत कौर ने कहा कि कुछ लोग समाज में आपसी मतभेद पैदा कर लोगों को बांटना चाहते हैं। वे लोगों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश करते हैं कि उनकी परेशानियों की वजह उनके पंजाबी पड़ोसी या दूसरे समुदायों के लोग हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी एक व्यक्ति की नफरत पूरे शहर या पंजाबी समुदाय की पहचान तय नहीं कर सकती। उनके अनुसार, पंजाबियों और ब्रैम्पटन के नागरिकों की असली पहचान भाईचारा, सहयोग और एकजुटता है।
जगमीत सिंह समेत कई नेताओं ने जताया समर्थन
घटना सामने आने के बाद कनाडा के कई राजनीतिक नेताओं ने नवजीत कौर बराड़ के समर्थन में प्रतिक्रिया दी।
जगमीत सिंह: कनाडा के प्रमुख पंजाबी राजनीतिक नेता जगमीत सिंह ने नवजीत कौर के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ हुई घटना दुखद है। उन्होंने उनके जवाब की सराहना करते हुए ब्रैम्पटन और पंजाबी समुदाय की सेवा के लिए उनके दोबारा चुने जाने की अहमियत पर जोर दिया।
ग्राहम मैकग्रेगर: ओंटारियो की प्रोग्रेसिव कंजर्वेटिव पार्टी के विधायक ग्राहम मैकग्रेगर ने पंजाबियों और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ नफरत को घिनौना बताया। उन्होंने कहा कि शहर में इस तरह की हरकतों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
मार्टिन मेडिरोस: ब्रैम्पटन के सिटी काउंसिलर मार्टिन मेडिरोस ने भी इस तरह के व्यवहार के खिलाफ प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंजाबी समुदाय और दूसरे नागरिकों को निशाना बनाने वाली ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
प्रवासी पंजाबियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी
इस घटना को लेकर कनाडा में रहने वाले कई पंजाबियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि पंजाबी समुदाय ने कनाडा के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इस तरह की नफरत से समुदाय को डराया नहीं जा सकता।
स्थानीय नागरिकों ने भी लोगों से आपसी सम्मान बनाए रखने और एक-दूसरे के साथ खड़े होने की अपील की। उनका मानना है कि अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोगों के बीच सद्भाव बनाए रखना जरूरी है।
घटना पर सोशल मीडिया में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग विचार भी सामने आए। कुछ लोगों का कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने या किसी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करने का अधिकार है।
वहीं, दूसरे पक्ष का मानना है कि किसी उम्मीदवार की राजनीतिक आलोचना और किसी नस्ल या धर्म के आधार पर पूरे समुदाय को निशाना बनाने में स्पष्ट अंतर है। उनके अनुसार, किसी विशेष समुदाय के खिलाफ अपमानजनक संदेश भेदभाव और नस्लीय नफरत को बढ़ावा दे सकते हैं।
फिलहाल यह घटना ब्रैम्पटन में चुनाव प्रचार के दौरान समुदायों के बीच सम्मान, समानता और सामाजिक सद्भाव को लेकर बहस का विषय बन गई है।

