अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब आएंगे, झोटा और विक्रमजीत के परिवारों से मिलेंगे

अमित शाह 20 अक्टूबर को फिर पंजाब आएंगे, 20 दिन में दूसरा दौरा; नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों के परिवारों से मिलेंगे

मानसा में परविंदर सिंह झोटा के परिवार से करेंगे मुलाकात, फिर गुरदासपुर और संगरूर जाएंगे; पंजाब में नशे और कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठने के आसार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्टूबर को पंजाब के दौरे पर आएंगे। भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू के मुताबिक, इस दौरान शाह मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह गुरदासपुर में विक्रमजीत सिंह के परिवार और संगरूर में गुलजार सिंह के घर जाएंगे।

करीब 20 दिनों के भीतर अमित शाह का यह दूसरा पंजाब दौरा होगा। इससे पहले वह 30 सितंबर को जालंधर आए थे, जहां भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन समारोह में शामिल हुए और नशे के खिलाफ रैली को संबोधित किया था।

झोटा और विक्रमजीत सिंह की हत्या के बाद दौरा अहम

अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पंजाब में नशे के विरोध और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मानसा में मेडिकल स्टोर संचालक ने 13 अक्टूबर को नशे के विरोध से जुड़े विवाद के दौरान परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके दो दिन बाद, 15 अक्टूबर की रात को गुरदासपुर जिले के श्री हरगोबिंदपुर साहिब क्षेत्र के माड़ी पन्नवां गांव में विक्रमजीत सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि उन्होंने कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध किया था।

इन घटनाओं ने राज्य में नशे के कारोबार और इसकी शिकायत करने वालों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अमित शाह की मुलाकातों के दौरान इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

गुलजार सिंह के परिवार से भी मिलेंगे शाह

अमित शाह संगरूर में गुलजार सिंह के परिवार से भी मुलाकात करेंगे। खबर के मुताबिक, गुलजार सिंह ने 8 सितंबर को कीटनाशक का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी।

गुलजार ने कथित तौर पर मरने से पहले कहा था कि उन्होंने गांव में चिट्टे की बिक्री को लेकर मंत्री हरपाल सिंह चीमा से शिकायत की थी और इसके बाद उन्हें धमकियां मिली थीं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

30 सितंबर को जालंधर में नशामुक्त पंजाब का संकल्प

इससे पहले 30 सितंबर को जालंधर में आयोजित भाजपा के कार्यक्रम में अमित शाह ने पंजाब को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा की सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त करने का लक्ष्य रखा जाएगा।

शाह ने पंजाब में नशे के कारोबार, गैंगस्टरवाद और संगठित अपराध को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने राज्य सरकार से कानून-व्यवस्था और नशे के खिलाफ कार्रवाई पर जवाबदेही की मांग भी की थी।

अमित शाह ने पंजाब सरकार पर उठाए थे सवाल

परविंदर सिंह झोटा की हत्या और दिड़बा में एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर दबाव में जहर खाने की घटना का जिक्र करते हुए शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पंजाब की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने आरोप लगाया था कि राज्य में नशे का कारोबार और संगठित अपराध बढ़ रहा है तथा नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। शाह ने कहा था कि भाजपा की सरकार बनने पर नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और युवाओं के भविष्य की रक्षा की जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी दिया था जवाब

अमित शाह के बयान पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पलटवार किया था। मान ने कहा था कि शाह को उनके बारे में बयान देने से पहले अपने सलाहकारों से जानकारी लेनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने गुजरात के कांडला पोर्ट पर बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती का उल्लेख करते हुए भाजपा से भी जवाबदेही तय करने को कहा था। उन्होंने शाह पर अपने सलाहकारों द्वारा तैयार किए गए बयान बिना पर्याप्त जांच के दोहराने का आरोप लगाया था।

दौरे में नशे और कानून-व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख रहने की संभावना

अमित शाह के 20 अक्टूबर के दौरे में तीन परिवारों से मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई, इसकी शिकायत करने वालों की सुरक्षा और हाल की हत्याओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी पहले से जारी है।

अब इस दौरे के दौरान शाह क्या संदेश देते हैं और पंजाब सरकार इन घटनाओं पर क्या प्रतिक्रिया देती है, इस पर नजर रहेगी।

 

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