झोटा हत्याकांड पर सीएम भगवंत मान बोले- दोषियों को मिलेगी सख्त सजा, नशे के आदी लोगों को मरीज समझें

झोटा हत्याकांड पर सीएम भगवंत मान का बयान, बोले- दोषियों को मिलेगी सख्त सजा; नशे के आदी लोगों को मरीज समझें

फिल्लौर पुलिस अकादमी में डीसी, एसएसपी और डीएसपी के साथ समीक्षा बैठक, मुख्यमंत्री ने नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के दिए निर्देश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि मामले के दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हत्या के पीछे किसी साजिश का पता चलता है, तो उसमें शामिल लोगों को भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान ने फिल्लौर स्थित पुलिस अकादमी में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई की समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जिलों के उपायुक्त (डीसी), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नशा तस्करी पर रोक लगाने और नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के निर्देश दिए।

नशे के आदी लोगों के साथ मरीज जैसा व्यवहार करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे लोग मरीज हैं और उनके साथ उसी तरह व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशे के आदी लोगों के उपचार और पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाए।

मान ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक काम नशे की सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ना होना चाहिए। उन्होंने इस शिकायत पर भी चिंता जताई कि कई बार लोग नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस को सूचना देते हैं, लेकिन कार्रवाई के बावजूद आरोपी जल्द ही वापस अपने घर पहुंच जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नशा तस्करी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए।

झोटा हत्याकांड के दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा

मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या पर मुख्यमंत्री ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया। उन्होंने कहा कि मामले में दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, अगर जांच में किसी साजिश का खुलासा होता है, तो उसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

परविंदर झोटा की 13 अक्टूबर 2026 को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पंजाब में विरोध प्रदर्शन हुए और नशे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सवाल उठे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

पंजाब पुलिस से नशा मुक्त राज्य बनाने में योगदान की अपील

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब पुलिस के ऐतिहासिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस बल ने राज्य की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिसकर्मी नशे के खिलाफ अभियान में भी प्रभावी योगदान देंगे।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने तथा अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

मार्च 2025 में शुरू हुआ था ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देश पर 1 मार्च 2025 को ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान शुरू किया था। इसका उद्देश्य नशा तस्करी पर रोक लगाना, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करना और राज्य में नशे की समस्या को कम करना है।

इस अभियान के तहत पुलिस राज्य के सभी 23 जिलों में नशा तस्करी से जुड़ी सूचनाओं पर कार्रवाई करती है। पुलिस की ओर से गिरफ्तारियों, बरामदगी और अन्य कार्रवाइयों की जानकारी सोशल मीडिया पर भी साझा की जाती है।

सरकार का दावा: 85 हजार से अधिक नशा तस्कर गिरफ्तार

पंजाब सरकार और पुलिस के दावों के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक अभियान के दौरान 85 हजार से अधिक कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस दौरान लगभग 64 हजार एफआईआर दर्ज करने और करीब 4,200 किलोग्राम हेरोइन तथा 980 किलोग्राम अफीम बरामद करने की जानकारी दी गई है।

इसके अलावा, सरकार ने भुक्की, गांजा, आईसीई, नशीली गोलियों और कैप्सूल के साथ लगभग 20 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद करने का भी दावा किया है। नशे की कमाई से बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी भी दी गई है।

ये आंकड़े सरकार और पुलिस की ओर से दिए गए दावों पर आधारित हैं। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में नशे की सप्लाई चेन पर कार्रवाई और नशे की लत से जूझ रहे लोगों के उपचार पर जोर दिया गया।

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