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नई दिल्ली/लुधियाना: Central Board of Secondary Education (CBSE) ने देश की शिक्षा प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए कक्षा 6 से पढ़ाई के तरीके में महत्वपूर्ण सुधार लागू करने का फैसला लिया है।
कक्षा 6 से लागू होगा 3-भाषा फॉर्मूला
CBSE ने National Curriculum Framework 2023 (NCF 2023) के तहत:
- तीन भाषाओं का फॉर्मूला (R1, R2, R3) अनिवार्य किया
- कक्षा 6 से तीसरी भाषा पढ़ाना जरूरी होगा
स्कूलों को दिए गए सख्त निर्देश
बोर्ड ने स्कूलों से कहा है:
- नई किताबों का इंतजार न करें
- लोकल स्टडी मटेरियल से तुरंत पढ़ाई शुरू करें
- चुनी गई तीसरी भाषा की जानकारी OASIS पोर्टल पर अपडेट करें
9वीं-10वीं पर पड़ेगा सीधा असर
इस फैसले का सबसे बड़ा असर आगे की कक्षाओं पर पड़ेगा:
- छात्र 9वीं-10वीं में उसी भाषा को चुन पाएंगे
- जो उन्हें 6वीं में तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाई गई होगी
यानी अब कक्षा 6 का निर्णय छात्रों के भविष्य के विषय चयन को प्रभावित करेगा।
क्या है बदलाव का मकसद?
CBSE का उद्देश्य:
- छात्रों में भाषाई दक्षता बढ़ाना
- बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स विकसित करना
- सांस्कृतिक समझ और वैश्विक तैयारी को मजबूत करना
निगरानी भी होगी सख्त
CBSE के क्षेत्रीय कार्यालय इस आदेश के पालन पर नजर रखेंगे, ताकि सभी स्कूल नियमों का पालन करें।
यह बदलाव नई शिक्षा नीति के तहत छात्रों को अधिक सक्षम और बहुभाषी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

