अमृतसर:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की श्री अकाल तख़्त साहिब में पेशी को लेकर बना सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। ताजा जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री मान आज दोपहर 12 बजे श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। इससे पहले उनकी पेशी के समय को लेकर अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही थीं।
सुबह से ही यह चर्चा थी कि मुख्यमंत्री मान 10 बजे अकाल तख़्त साहिब पहुंचेंगे, जबकि कुछ सूत्रों का दावा था कि जत्थेदार द्वारा उन्हें शाम 4 बजे बुलाया गया है। अब आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट हो गया है कि मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे अकाल तख़्त साहिब में पेश होंगे।
पेशी से पहले श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री पंथक कचहरी में अपना स्पष्टीकरण पेश करेंगे। मुख्यमंत्री मान ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह एक आम सिख के रूप में नंगे पांव श्री अकाल तख़्त साहिब पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पूरे मामले में पारदर्शिता की मांग करते हुए आग्रह किया है कि पूछताछ की पूरी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण किया जाए, ताकि संगत और आम जनता तक हर तथ्य स्पष्ट रूप से पहुंच सके।
जानें पूरा मामला
गोलक से जुड़े एक बयान को लेकर श्री अकाल तख़्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तलब किया है। यह विवाद उस समय शुरू हुआ, जब पंजाबी गायक जसबीर जस्सी द्वारा शबद गायन किए जाने पर जत्थेदार ने आपत्ति जताई। जत्थेदार का कहना था कि जसबीर जस्सी पूर्ण सिख नहीं हैं, इसलिए उन्हें शबद गायन का अधिकार नहीं है।
इस पर मुख्यमंत्री मान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यदि ऐसा है, तो पतित सिखों को मत्था टेकने और गुरु की गोलक में पैसे डालने से भी रोका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद श्री अकाल तख़्त साहिब ने कड़ी नाराज़गी जताई और इसे गुरु की गोलक तथा दसवंध के सिद्धांत से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय बताया।
इसके अलावा जत्थेदार ने बरगाड़ी बेअदबी कांड और मौड़ बम धमाके के मामलों में अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर भी नाराज़गी जाहिर की है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में मुख्यमंत्री मान द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों के लापता होने के मामलों को लेकर SGPC और अकाली दल पर उठाए गए सवालों से यह विवाद और गहरा गया।
मुख्यमंत्री की आज होने वाली पेशी को धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, जिस पर पूरे पंजाब की निगाहें टिकी हुई हैं।

