न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड ने भारतीय गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को चेतावनी दी है। बॉन्ड ने कहा कि यदि बुमराह को फिर से पीठ में चोट लगती है, तो उनका क्रिकेट करियर खत्म हो सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बुमराह को एक बार में दो से ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेलने चाहिए।
बुमराह इस समय बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैबिलिटेशन करवा रहे हैं, और यह अभी स्पष्ट नहीं है कि वह कब तक पूरी तरह से फिट होंगे या आईपीएल 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए खेलेंगे या नहीं।

टी-20 के बाद टेस्ट में गेंदबाजी पर जोखिम।
बॉन्ड ने कहा कि तेज गेंदबाजों के लिए टी-20 के बाद टेस्ट मैचों में गेंदबाजी करना अधिक खतरनाक हो सकता है। आईपीएल के दौरान, एक सप्ताह में तीन मैच होते हैं, जिससे गेंदबाजों को अधिक दबाव महसूस नहीं होता और ओवरों की संख्या कम होती है। आईपीएल में एक गेंदबाज को एक मैच में अधिक से अधिक 20 ओवर करने का मौका मिलता है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में लगातार गेंदबाजी करनी पड़ती है, जो गेंदबाजों पर अधिक शारीरिक दबाव डालता है।
बुमराह को चोट के बाद फिर से समस्या।
बुमराह को इस साल की शुरुआत में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के आखिरी टेस्ट मैच के दौरान पीठ में दर्द हुआ था। इसके बाद उन्होंने स्कैन करवाया था। बुमराह ने मार्च 2023 में पीठ की सर्जरी करवाई थी और अब वही पुरानी चोट फिर से परेशानी का कारण बन रही है। बुमराह ने बीसीसीआई के मेडिकल टीम के तहत विदेशी डॉक्टरों से भी सलाह ली और अब वह बेंगलुरु में रिहैब कर रहे हैं।

चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर हुए बुमराह।
हाल ही में, बुमराह को चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होना पड़ा था, हालांकि पहले वह भारत के 15 सदस्यीय स्क्वॉड में शामिल थे। लेकिन बाद में उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया और उनकी जगह हर्षित राणा को टीम में शामिल किया गया।
बॉन्ड का सुझाव: वर्कलोड मैनेजमेंट जरूरी।
शेन बॉन्ड, जो मुंबई इंडियंस के कोच भी रह चुके हैं, ने बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बुमराह को आईपीएल के बाद इंग्लैंड दौरे पर दो टेस्ट मैच से ज्यादा नहीं खेलना चाहिए। बॉन्ड का कहना था कि अगले साल 2026 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए बुमराह को अपनी चोट से बचाने के लिए वर्कलोड कम करना जरूरी है।
ऑस्ट्रेलिया दौरे के मुकाबले इंग्लैंड दौरे पर वर्कलोड कम करना होगा।
बुमराह ने पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पांच टेस्ट मैचों में 151 ओवर गेंदबाजी की थी, जिसमें मेलबर्न के बॉक्सिंग डे टेस्ट में उन्होंने 52 ओवर डाले थे। बॉन्ड ने कहा कि भारत को बुमराह को उस तरह का वर्कलोड नहीं देना चाहिए जैसा कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान था।

बुमराह की शानदार वापसी और रिकॉर्ड।
बुमराह ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 32 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड जीता था। उन्होंने 2023 में पीठ की चोट से उबरकर वापसी की और 2024 में खेले गए 13 टेस्ट मैचों में 71 विकेट झटके। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में 200 विकेट लेने वाले भारत के 12वें गेंदबाज बने थे।
वर्कलोड मैनेजमेंट की आवश्यकता।
बॉन्ड ने इस बारे में भी बताया कि बुमराह को अगले साल इंग्लैंड दौरे पर वर्कलोड का सही तरीके से प्रबंध करना होगा, ताकि वह 2026 के टी-20 वर्ल्ड कप के लिए पूरी तरह से तैयार रहें।