जालंधर में किरयाना कारोबारी से लूटपाट, तेजधार हथियारों से हमला कर नकदी व मोबाइल छीना
जालंधर | Punjabi Doordarshan
जालंधर के प्रताप बाग रोड स्थित पाल अस्पताल के नजदीक सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। चार नकाबपोश लुटेरों ने बाइक पर सवार होकर एक किरयाना व्यापारी पर तेजधार हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया और उसकी जेब से 23 हजार रुपये नकद व एक महंगा मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए।
पीड़ित व्यापारी की पहचान हितेश चोपड़ा, निवासी भगत सिंह चौक, कृष्णा गली के रूप में हुई है। वह रोज की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहा था, तभी रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी दो बाइकों पर सवार चार युवक थे। उन्होंने व्यापारी पर दातर और लोहे की रॉड से हमला किया, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद बदमाशों ने उसकी जेब से नकदी और मोबाइल लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
राहगीरों ने पहुंचाया घर, परिजनों ने कराया इलाज
घटना के बाद मौके से गुजर रहे राहगीरों ने घायल हालत में पड़े हितेश चोपड़ा को भगत सिंह चौक स्थित उसके घर पहुंचाया और परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
सूचना मिलते ही थाना तीन के एएसआई जोरावर सिंह मौके पर पहुंचे और पीड़ित के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी जतिंदर सिंह ने बताया कि अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और इलाके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
इलाके में पहले भी हो चुकी हैं लूट की घटनाएं
पीड़ित के पिता ओंकार नाथ चोपड़ा ने बताया कि इससे पहले भी उनके साथ इसी तरह की वारदात हो चुकी है, जिसमें राहगीरों की मदद से आरोपी को पकड़ा गया था। वहीं स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि कुछ दिन पहले इसी इलाके से मोमोज की रेहड़ी लगाने वाले की स्कूटी भी छीनी गई थी।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि कोई भेदी व्यक्ति या नशेड़ी गिरोह देर रात अकेले निकलने वाले दुकानदारों की रेकी कर बदमाशों को जानकारी देता है, जिसके बाद ऐसी वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है।
व्यापारियों और इलाके के निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन नकाबपोश लुटेरों को गिरफ्तार कर लूटा हुआ सामान बरामद किया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षा और इंसाफ मिल सके।

