जालंधर में निर्माणाधीन पुल बना मौत का जाल: 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरी बाइक, युवक की तड़प-तड़पकर मौत

Punjabi Doordarshan | ग्राउंड रिपोर्ट

जालंधर:
जालंधर से जंडू सिंघा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। निर्माणाधीन पुल के लिए खोदे गए लगभग 20 फीट गहरे गड्ढे में बाइक गिरने से एक युवक की मौत हो गई। हादसा देर रात करीब 11:30 बजे का बताया जा रहा है।

रातभर तड़पता रहा युवक, नहीं मिली मदद

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक सवार अचानक अंधेरे में गड्ढे का अंदाजा नहीं लगा सका और सीधा उसमें जा गिरा। गड्ढे के पास ही सो रहे मजदूरों ने गिरने की आवाज तो सुनी, लेकिन यह सोचकर कोई मदद के लिए नहीं उठा कि युवक खुद बाहर निकल गया होगा। युवक कई घंटों तक गड्ढे में तड़पता रहा और वहीं दम तोड़ दिया।

सुबह दुकानदारों ने देखी लाश

सुबह दुकान खोलने पहुंचे स्थानीय दुकानदारों की नजर जब गड्ढे में पड़ी बाइक पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत आसपास पूछताछ की। मजदूरों ने बताया कि रात को एक व्यक्ति गिरा था। जब गहराई से देखा गया, तो युवक की लाश गड्ढे में पड़ी मिली। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची।

आंख में घुसा सरिया, मोबाइल और पर्स गायब

पुलिस जांच में सामने आया है कि युवक की आंख में लोहे का सरिया घुस गया था, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई थी। मृतक के पास से हेडफोन और बाइक की चाबियां तो मिलीं, लेकिन मोबाइल फोन और पर्स गायब पाए गए। इसे लेकर लूटपाट की आशंका भी जताई जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप: इंसानियत शर्मसार

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि अगर समय रहते एंबुलेंस या पुलिस को सूचना दे दी जाती, तो शायद युवक की जान बच सकती थी। लोगों का कहना है कि किसी ने मदद करने के बजाय युवक के कीमती सामान पर नजर रखी।

निर्माण एजेंसी की लापरवाही उजागर

हादसे वाली जगह पर पुल निर्माण कार्य जारी है, लेकिन न तो पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। सुरक्षा के नाम पर सिर्फ मिट्टी के ढेर लगाकर औपचारिक बेरिकेडिंग की गई थी। अंधेरे में गड्ढे का अंदाजा लगाना लगभग नामुमकिन था।

पुलिस जांच जारी

जालंधर पुलिस ने शव को बाहर निकालकर सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। फिलहाल युवक की पहचान नहीं हो सकी है। आसपास के थानों में सूचना भेज दी गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह केवल हादसा है या इसके पीछे लापरवाही और लूटपाट जैसी कोई और वजह है।

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