किसान नेता डल्लेवाल के खिलाफ मोर्चा, अपनी ही जत्थेबंदी ने उठाए गंभीर सवाल
पटियाला | Punjabi Doordarshan
पंजाब की किसान राजनीति में बड़ा उलटफेर सामने आया है। भारतीय किसान यूनियन (सिद्धूपुर) के प्रधान जगजीत सिंह डल्लेवाल के खिलाफ उनकी ही जत्थेबंदी के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के भीतर उठे इस बगावती सुर ने किसान संगठनों की एकता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
पटियाला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर के संस्थापक स्वर्गीय पिशौरा सिंह सिद्धू के बेटे दलवीर सिंह सिद्धूपुर ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि यूनियन के कई वरिष्ठ नेताओं ने डल्लेवाल पर संगठन को तानाशाही तरीके से चलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
दलवीर सिंह सिद्धूपुर के अनुसार, जगजीत सिंह डल्लेवाल द्वारा एक-एक कर संगठन के नेताओं को बाहर किया जा रहा है और पिछले 6 वर्षों से यूनियन के चुनाव तक नहीं कराए गए, जो संगठनात्मक लोकतंत्र पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
इतना ही नहीं, किसान मोर्चे के दौरान हुए नुकसान और युवा किसान शुभकरण की मौत के लिए भी नेताओं ने सीधे तौर पर डल्लेवाल को जिम्मेदार ठहराया है। इन सभी मुद्दों को लेकर जत्थेबंदी के कई सदस्यों ने डल्लेवाल की लीडरशिप को सिरे से नकार दिया है।
प्रेस वार्ता के दौरान नेताओं ने यह भी ऐलान किया कि आने वाले समय में संगठन को सामूहिक रूप से चलाया जाएगा और जल्द ही नया प्रधान चुना जाएगा।
इस घटनाक्रम ने पंजाब की किसान राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में इसके बड़े राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

