Punjabi Doordarshan | राजनीतिक रिपोर्ट
पंजाब: आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री रहे लालजीत सिंह भुल्लर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अमृतसर के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसके चलते उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
रंधावा केस से बढ़ा दबाव
गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के बाद मामला गंभीर हो गया।
- घटना ने प्रशासन और सरकार पर सवाल खड़े किए
- विपक्ष और जनता का दबाव बढ़ा
- इसी के चलते भुल्लर से इस्तीफा ले लिया गया
यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
विवादों से भरा रहा राजनीतिक सफर
लालजीत भुल्लर का राजनीतिक करियर पहले भी कई विवादों में रहा है:
लाल किला घटना से जुड़ा नाम
26 जनवरी 2021 की लाल किला हिंसा के दौरान एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उन्हें कथित तौर पर दीप सिद्धू के साथ देखा गया। हालांकि, उन्होंने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि वह किसान के रूप में वहां मौजूद थे।
सनरूफ स्टंट पर उठा विवाद
मंत्री बनने के बाद भुल्लर एक बार अपनी गाड़ी के सनरूफ से बाहर निकलकर लोगों का अभिवादन करते नजर आए।
- सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप
- चुनावी आचार संहिता पर सवाल
इस घटना ने भी काफी चर्चा बटोरी थी।
विवादित बयान पर माफी
2024 लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एक राजनीतिक विरोधी पर टिप्पणी करते हुए कुछ समुदायों को लेकर विवादित बयान दिया था।
- बयान पर तीखी आलोचना हुई
- बाद में वीडियो जारी कर माफी मांगी
राजनीति में बड़ा झटका
भुल्लर के लिए यह मामला सबसे बड़ा झटका साबित हुआ है, क्योंकि:
- एक अधिकारी की मौत से जुड़ा मामला
- जनभावनाओं पर गहरा असर
- मंत्री पद तक गंवाना पड़ा
निष्कर्ष
लालजीत सिंह भुल्लर का राजनीतिक सफर विवादों से घिरा रहा है, लेकिन रंधावा सुसाइड केस ने उनकी स्थिति को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इस मामले की जांच और राजनीतिक घटनाक्रम किस दिशा में आगे बढ़ते हैं।

