Ludhiana Encounter: ‘मम्मी जल्दी आ जाऊंगा’ कहकर निकला था करनजोत, एनकाउंटर में मौत; मां बोली- विदेश जाने की तैयारी कर रहा था
लुधियाना में रविवार को पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दो कथित शूटरों में से एक करनजोत सिंह उर्फ नोना (25) की मां ने अपने बेटे को लेकर कई बातें बताई हैं। अमृतसर निवासी करनजोत की मां रजवंत कौर के मुताबिक, उनका बेटा लकड़ी का काम करता था और विदेश जाने की तैयारी कर रहा था।
मां ने बताया कि घटना से कुछ समय पहले ही करनजोत ने उनसे कहा था कि वह काम से जल्दी घर लौट आएगा। इसके बाद परिवार को उसके एनकाउंटर में मारे जाने की जानकारी मिली।
‘मम्मी, काम से जल्दी आ जाऊंगा’
रजवंत कौर ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं रहती और बेटे को उनके मेडिकल टेस्ट करवाने भी जाना था। उन्होंने कहा कि रविवार सुबह करीब 11 बजे उनकी बेटे से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी।
मां के मुताबिक, करनजोत ने फोन पर कहा था कि वह ठीक है और जल्द घर लौट आएगा। बाद में उनकी बेटी, जो विदेश में रहती है, ने फोन कर उन्हें भाई की मौत की जानकारी दी।
रजवंत कौर ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनका बेटा किसके साथ गया था और वह उस समय कहां था।
12वीं तक पढ़ा था, IELTS की कर रहा था तैयारी
परिवार के अनुसार, करनजोत ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। वह लकड़ी का काम करता था और विदेश जाने की तैयारी में जुटा हुआ था।
मां ने बताया कि करनजोत IELTS की तैयारी कर रहा था। परिवार का कहना है कि उन्हें दूसरे युवक संदीप सिंह के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और न ही वे उसे जानते थे।
मां के मुताबिक, उन्हें यह भी पता नहीं था कि दोनों की मुलाकात कब हुई और वे एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए।
पुलिस के मुताबिक ब्लड डोनेशन कैंप था निशाने पर
पुलिस के अनुसार, करनजोत सिंह और संदीप सिंह लुधियाना में आयोजित एक ब्लड डोनेशन कैंप को निशाना बनाने के इरादे से पहुंचे थे। यह कैंप दिवंगत कांग्रेस नेता रविंदर सिंह उर्फ रवि ख्वाजके की याद में आयोजित किया गया था।
लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के मुताबिक, कैंप में फायरिंग की योजना पहले से बनाई जा रही थी। पुलिस का दावा है कि दोनों कथित तौर पर एक गैंगस्टर के संपर्क में थे और उन्हें टारगेट के लिए भेजा गया था।
हालांकि, कैंप के आयोजक तरसेम सिंह ने कहा कि उनकी या उनके साथियों की किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। उनके अनुसार, उन्हें खुद नहीं पता था कि कैंप को कथित तौर पर निशाना बनाने की कोशिश क्यों की जा रही थी।
पुलिस की गाड़ी पर फायरिंग का दावा
DCP हरपाल सिंह के अनुसार, AGTF को दोनों युवकों की गतिविधियों के संबंध में इनपुट मिला था। इसके बाद शहर पुलिस को अलर्ट किया गया।
पुलिस के मुताबिक, आत्मा पार्क के पास बाइक सवार दोनों युवकों को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस वाहन पर फायरिंग कर दी। पुलिस का दावा है कि दो गोलियां पुलिस वाहन में लगीं।
इसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में 25 से ज्यादा राउंड फायरिंग हुई और दोनों शूटरों की मौत हो गई।
3 ऑटोमैटिक पिस्टल और करीब 50 कारतूस बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से तीन 9 एमएम ऑटोमैटिक पिस्टल बरामद करने का दावा किया है। इनमें जिगाना और पाकिस्तान निर्मित ग्लॉक पिस्टल शामिल होने की बात कही गई है।
पुलिस के मुताबिक, मौके से करीब 50 कारतूस भी बरामद किए गए। जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि दोनों को कैंप में किसी विशेष व्यक्ति को निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था या वहां पहुंचकर अंधाधुंध फायरिंग करनी थी।
डोनी बल और शगुनप्रीत की भूमिका की जांच
पुलिस को शक है कि दोनों शूटरों को कथित तौर पर वांटेड गैंगस्टर बलविंदर सिंह उर्फ डोनी बल और उसके साथी शगुनप्रीत सिंह ने भेजा था।
पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों के साथ कुछ अन्य लोग भी अलग-अलग वाहनों में लुधियाना पहुंचे थे, लेकिन मुठभेड़ के दौरान वे मौके से फरार हो गए।
जांच एजेंसियां इस एंगल से भी पड़ताल कर रही हैं कि कथित हमला दविंदर बंबीहा की सितंबर 2016 में हुई मौत की बरसी के आसपास क्यों प्लान किया गया था।
कुछ दिन पहले लुधियाना पहुंचने का शक
पुलिस को आशंका है कि दोनों युवक वारदात से कुछ दिन पहले ही लुधियाना पहुंच गए थे। उनके किसी होटल या अन्य ठिकाने पर रुकने की संभावना को देखते हुए पुलिस जांच कर रही है।
करनजोत सिंह उर्फ नोना के खिलाफ पहले से आर्म्स एक्ट, लूट और नशा तस्करी से जुड़े मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने कही है। वहीं संदीप सिंह के खिलाफ भी एक आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी दी गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, हथियारों की सप्लाई, कथित टारगेट और फरार संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
नोट: आरोपियों की कथित आपराधिक भूमिका और पुलिस द्वारा बताए गए गैंग कनेक्शन जांच का हिस्सा हैं। इन आरोपों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।

