मोहाली ब्लॉगर रेप केस: सोशल मीडिया दोस्ती के बाद गन पॉइंट पर रेप का आरोप
मोहाली में एक सोशल मीडिया ब्लॉगर और बिजनेस वुमन की शिकायत से जुड़े रेप और ब्लैकमेलिंग मामले में नया अपडेट सामने आया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी गुरविंदर सिंह उर्फ गुरी चहल सोशल मीडिया के जरिए महिला के संपर्क में आया और बातचीत के दौरान उसका विश्वास जीतकर नजदीकियां बढ़ाईं। महिला ने आरोप लगाया है कि बाद में आरोपी उसके फ्लैट पर पहुंचा और हथियार के बल पर जबरन संबंध बनाए।
पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने उसके कथित अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। मामले में महिला शनिवार, 5 सितंबर को मोहाली कोर्ट में पेश हुई और उसने पुलिस जांच को लेकर असंतोष जाहिर किया।
सोशल मीडिया के जरिए आरोपी से हुई थी पहचान
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, महिला खुद को बिजनेस वुमन और सोशल मीडिया ब्लॉगर बताती है। उसका आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से उसके संपर्क में आया। शुरुआत में वह उसके ब्लॉग और सोशल मीडिया गतिविधियों में रुचि दिखाता रहा और इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत बढ़ी।
शिकायत में महिला ने दावा किया कि इसी तरह आरोपी ने धीरे-धीरे उसका विश्वास हासिल किया।
फ्लैट पर बुलाकर जबरदस्ती करने का आरोप
महिला के मुताबिक, 27 नवंबर 2025 को आरोपी सामान ऑर्डर करने के बहाने उसके फ्लैट पर आया था। आरोप है कि वहां उसने महिला की इच्छा के खिलाफ हथियार दिखाकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए।
शिकायत के अनुसार, विरोध करने पर आरोपी ने महिला और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। महिला ने बताया कि डर की वजह से उसने उस समय पुलिस में शिकायत नहीं की और आरोपी से दूरी बना ली।
जनवरी में ब्लैकमेल करने का आरोप
शिकायत में आगे कहा गया है कि करीब दो महीने बाद जनवरी 2026 में आरोपी ने फोन और Snapchat के जरिए महिला से दोबारा संपर्क किया।
महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके पास मौजूद कथित अश्लील फोटो और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी दी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने उसे चेतावनी दी कि यदि वह उसकी बात नहीं मानेगी तो फोटो-वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे।
वर्कप्लेस पर पहुंचकर धमकाने का दावा
पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपी कुछ अन्य लोगों, ड्राइवरों और बॉडीगार्ड समेत उसके कार्यस्थल पर पहुंचा। महिला के अनुसार, वहां उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसे डराने तथा जान से मारने की धमकी दी गई।
हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच या अदालत के अंतिम फैसले से ही होगी।
25 अप्रैल को फिर संपर्क करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 25 अप्रैल को आरोपी ने Snapchat पर कॉल की और महिला पर दोबारा अपने फ्लैट पर आने तथा शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डाला।
महिला का आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने अपने कथित पुराने आपराधिक संबंधों का हवाला देते हुए उसे डराया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसी दिन शाम को महिला की ईमेल आईडी पर धमकी भरे और अश्लील संदेश भेजे गए।
इसके बाद महिला ने अपने वकील से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने 24 जुलाई को दाखिल की थी अनट्रेस रिपोर्ट
मामले में पुलिस ने 24 जुलाई को अदालत के समक्ष अनट्रेस रिपोर्ट दाखिल की थी। पुलिस की ओर से बताया गया था कि महिला बयान दर्ज कराने के लिए सामने नहीं आ रही थी।
अब महिला अदालत में पेश होकर अपने बयान दर्ज करा चुकी है। उसके वकील एचएस धनोआ के अनुसार, पुलिस जांच से संबंधित प्रमाणित दस्तावेज हासिल करने के लिए आवेदन किया गया है।
वकील का कहना है कि दस्तावेज मिलने के बाद अनट्रेस रिपोर्ट के खिलाफ जवाब दाखिल किया जाएगा और मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अगली सुनवाई 19 सितंबर को
महिला ने कोर्ट में पुलिस जांच को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उसका कहना है कि अदालत के निर्देशों के बावजूद जांच के दौरान उससे संपर्क नहीं किया गया।
वहीं, वकील एचएस धनोआ ने कहा कि अब मामले में कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाई जाएगी। इस केस की अगली सुनवाई 19 सितंबर को निर्धारित की गई है।
जून में केस प्रॉपर्टी वाली गाड़ी रिलीज करने के आदेश
इस मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में अदालत ने 16 जून को पुलिस द्वारा केस प्रॉपर्टी बनाई गई गाड़ी को रिलीज करने के आदेश दिए थे।
पुलिस ने अदालत में कहा था कि जांच के मौजूदा चरण में गाड़ी की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने कुछ शर्तों के साथ वाहन छोड़ने की अनुमति दी।
अदालत ने स्पष्ट किया था कि जांच अधिकारी या कोर्ट जब भी वाहन पेश करने का निर्देश दे, उसे तुरंत पेश करना होगा। साथ ही वाहन की मालिकाना जानकारी, रंग या उसकी किसी अन्य प्रमुख विशेषता में बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
नोट: इस मामले में रेप, धमकी और ब्लैकमेलिंग से जुड़े आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होने वाली कानूनी प्रक्रिया और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

