झोटा हत्याकांड: CBI जांच के ऐलान के बाद भी परिवार असंतुष्ट, अंतिम संस्कार से इनकार

झोटा हत्याकांड: CM मान के CBI जांच के ऐलान के बाद भी परिवार असंतुष्ट, पिता बोले- अभी अंतिम संस्कार नहीं करेंगे

भगवंत मान ने परिवार की मांग स्वीकार कर केस CBI को सौंपने की घोषणा की, लेकिन भीम सिंह ने CM और DGP के इस्तीफे का मुद्दा अमित शाह के सामने उठाने की बात कही

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने का ऐलान किया है। मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के झोटा के परिवार से मिलने से पहले मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर यह जानकारी दी।

हालांकि, मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद झोटा का परिवार संतुष्ट नहीं है। उनके पिता भीम सिंह ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल बेटे का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) के इस्तीफे की मांग उठाएंगे।

भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर किया CBI जांच का ऐलान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि परिवार की मांग स्वीकार करते हुए परविंदर सिंह झोटा का मामला CBI को सौंपा जा रहा है। उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ सरकार की कार्रवाई जारी रखने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पंजाब को नशा मुक्त करने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।

परिवार लंबे समय से हत्याकांड की CBI जांच की मांग कर रहा था। मुख्यमंत्री के ऐलान को इसी मांग के संदर्भ में देखा जा रहा है, लेकिन परिवार ने फिलहाल अपना धरना समाप्त करने या अंतिम संस्कार करने पर सहमति नहीं जताई है।

पिता बोले- अंतिम संस्कार नहीं करेंगे

मानसा में धरने के आठवें दिन भीम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी उनकी अन्य मांगें बाकी हैं। उन्होंने कहा कि वह बेटे का अंतिम संस्कार अभी नहीं करेंगे और अमित शाह के सामने मुख्यमंत्री तथा DGP के इस्तीफे का मुद्दा उठाएंगे।

परिवार का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आठ दिनों से परविंदर सिंह झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा हुआ है।

13 अक्टूबर को गोली मारकर की गई थी हत्या

रिपोर्ट के अनुसार, परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर नशे की बिक्री का विरोध करने के कारण केमिस्ट अश्विनी कुमार ने उन्हें गोली मार दी थी।

घटना के बाद से परिवार और समर्थक न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। परिवार की प्रमुख मांगों में मामले की CBI जांच शामिल थी। अब मुख्यमंत्री ने जांच CBI को सौंपने की घोषणा कर दी है, लेकिन अंतिम संस्कार और धरना समाप्त करने को लेकर गतिरोध बना हुआ है।

अमित शाह की मुलाकात पर टिकी नजरें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मंगलवार को मानसा में झोटा के परिवार से मिलने का कार्यक्रम है। परिवार ने संकेत दिया है कि इस मुलाकात के दौरान वह मुख्यमंत्री और DGP के इस्तीफे की मांग उठाएगा।

मुख्यमंत्री के CBI जांच संबंधी ऐलान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि परिवार की अन्य मांगों पर क्या रुख सामने आता है और क्या इसके बाद अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनती है।

 

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