Punjab Government Employees Strike: पंजाब-चंडीगढ़ में आज सरकारी कर्मचारी हड़ताल पर, दफ्तरों में कामकाज रहेगा बंद
चंडीगढ़: पंजाब और चंडीगढ़ के सरकारी कर्मचारियों की ओर से अपनी मांगों और सरकार की नीतियों के विरोध में 8 सितंबर को एक दिवसीय पूर्ण कामबंद हड़ताल का ऐलान किया गया है। कर्मचारी कार्यालयों में मौजूद रहेंगे, लेकिन काम नहीं करेंगे। ऐसे में सरकारी दफ्तरों में जरूरी काम के लिए जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
दफ्तरों में मौजूद रहेंगे कर्मचारी, लेकिन नहीं करेंगे काम
कर्मचारी संगठनों के अनुसार, चंडीगढ़ और मोहाली के सरकारी कार्यालयों, पंजाब सिविल सचिवालय तथा FCR कार्यालयों में कर्मचारी अपनी ड्यूटी वाली जगह पर उपस्थित रहेंगे, लेकिन काम पूरी तरह बंद रखा जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान विभिन्न कार्यालयों में कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि एक दिन की प्रतीकात्मक भूख हड़ताल भी करेंगे।
काले कपड़े और बैज लगाकर जताएंगे विरोध
कर्मचारी संगठनों ने अपने सदस्यों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने की अपील की है। इसके तहत कर्मचारियों से काले कपड़े पहनने या काले बैज लगाने को कहा गया है।
संगठनों का कहना है कि आंदोलन के दौरान अनुशासन बनाए रखा जाएगा और किसी भी तरह के टकराव या उकसावे से बचा जाएगा।
संयुक्त बैठक में तैयार की गई रणनीति
हड़ताल को लेकर मोहाली के YPS चौक के पास स्थित पार्क में कर्मचारी संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें साझा कर्मचारी मंच पंजाब और पंजाब कर्मचारी-पेंशनर साझा फ्रंट के नेतृत्व में विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लिया।
बैठक में चंडीगढ़ के निदेशालयों, मोहाली के सरकारी कार्यालयों, पंजाब सिविल सचिवालय और FCR एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन की रणनीति पर चर्चा की।
आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की ड्यूटियां भी लगाई गई हैं। इसके अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों की एक टीम गठित की गई है, जो हड़ताल के दौरान विभिन्न कार्यालयों का दौरा कर स्थिति की समीक्षा करेगी।
कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील
कर्मचारी नेताओं ने सभी कर्मचारियों से अधिक से अधिक संख्या में हड़ताल में शामिल होने की अपील की है। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए अपनी मांगों और आंदोलन को लोगों तक पहुंचाने की बात कही गई है।
साझा मंच का कहना है कि यह आंदोलन कर्मचारियों के सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर है।
अमन अरोड़ा ने दी कानून के मुताबिक कार्रवाई की चेतावनी
वहीं, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने हड़ताल को लेकर कर्मचारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि हड़ताल के चलते आम जनता को परेशानी होती है तो सरकार कानून के मुताबिक कार्रवाई कर सकती है।
मंत्री ने कर्मचारियों से हड़ताल का रास्ता छोड़कर सरकार के साथ बातचीत के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की है।
आम लोगों के लिए क्या मतलब?
हड़ताल के चलते पंजाब और चंडीगढ़ के कई सरकारी कार्यालयों में दस्तावेजी काम, आवेदन, प्रमाणपत्र और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए जिन लोगों का सरकारी दफ्तर में जरूरी काम है, उन्हें जाने से पहले संबंधित कार्यालय की स्थिति की जानकारी कर लेना बेहतर रहेगा।

