पंजाब कांग्रेस को हाईकमान का बड़ा झटका: भूपेश बघेल ने किया साफ— नहीं होगा कोई CM चेहरा
लुधियाना | Punjabi Doordarshan
कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के वरिष्ठ नेताओं की CM चेहरे की उम्मीदों पर विराम लगा दिया है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस पंजाब में किसी को भी मुख्यमंत्री चेहरा घोषित नहीं करेगी और पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।
रविवार को बठिंडा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल ने कहा:
“कांग्रेस पहले भी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ती रही है। एक बार कैप्टन अमरिंदर सिंह को चेहरा बनाया गया था, लेकिन अब पार्टी फिर से सामूहिक नेतृत्व के रास्ते पर चलेगी। कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा राहुल गांधी हैं।”
पंजाब के बड़े नेताओं को झटका
भूपेश बघेल का यह बयान पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग, विधायक दल नेता प्रताप सिंह बाजवा और सांसद सुखजिंदर रंधावा सहित कई दिग्गजों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
हालांकि वड़िंग और रंधावा पहले ही CM चेहरे की दावेदारी छोड़ चुके हैं, जबकि बाजवा अब भी अपने तेवर बनाए हुए हैं।
2022 की हार से सबक
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस हाईकमान ने 2022 के विधानसभा चुनाव से सबक लिया है, जहां चन्नी और नवजोत सिद्धू की आपसी खींचतान ने पार्टी को सिर्फ 18 सीटों तक सीमित कर दिया था। इस बार हाईकमान किसी भी कीमत पर CM कुर्सी को लेकर विवाद नहीं चाहता।
चन्नी की साइलेंट पॉलिटिक्स
पूर्व CM चरणजीत चन्नी फिलहाल बिना विवाद के अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। वे न गुटबाजी में पड़ रहे हैं और न ही खुलकर CM चेहरे की बात कर रहे हैं। वे आम लोगों से जुड़ाव बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं, जिससे उनकी “आम आदमी नेता” की छवि मजबूत हो रही है।
2027 चुनाव में कांग्रेस की स्थिति
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा हालात में पंजाब में AAP के बाद कांग्रेस ही सबसे मजबूत विकल्प दिखाई दे रही है। अकाली दल कुछ क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, भाजपा वोट शेयर बढ़ा रही है, लेकिन ग्रामीण पंजाब में उसकी पकड़ कमजोर है। ऐसे में कांग्रेस के पास 2027 के चुनाव में मजबूत वापसी का मौका है।

