Punjab Congress Crisis: हाईकमान के रुख के बाद चन्नी बैकफुट पर, भूपेश बघेल बोले- अध्यक्ष बदलना गुड्डे-गुड्डी का खेल नहीं

कांग्रेस हाईकमान के सख्त रुख के बाद चन्नी नरम पड़े: बोले- राहुल गांधी मेरे नेता हैं; बघेल का दोटूक संदेश- अध्यक्ष नहीं बदलेगा

लुधियाना: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के तेवर कुछ नरम पड़ते दिखाई दिए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर खुलकर सवाल उठाने के बाद चन्नी ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल कांग्रेस को मजबूत करना है।

चन्नी ने कहा कि “राहुल गांधी मेरे नेता हैं और रहेंगे। पार्टी जो भी रणनीति तय करेगी, उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे। सभी मुद्दों का जल्द समाधान हो जाएगा।”

बघेल का साफ संदेश- अध्यक्ष नहीं बदलेगा

पंजाब मामलों के कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, जो इन दिनों पांच दिवसीय पंजाब दौरे पर हैं, ने बागी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश अध्यक्ष बदलना कोई “गुड्डे-गुड्डी का खेल” नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान अपने फैसले पर कायम है और राजा वड़िंग को संगठन का समर्थन प्राप्त है। बघेल के मुताबिक, प्रदेश के 23 जिला कांग्रेस अध्यक्ष वड़िंग के नेतृत्व के पक्ष में अपनी सहमति दे चुके हैं।

चन्नी गुट ने लगाए थे ये आरोप

चन्नी समर्थक नेताओं का आरोप था कि हाईकमान तक पंजाब की वास्तविक स्थिति नहीं पहुंचाई गई और गलत रिपोर्ट पेश की गई। उनका कहना है कि मौजूदा नेतृत्व में कांग्रेस के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव जीतना मुश्किल होगा।

बाजवा बोले- नए लोग भी आगे आ सकते हैं

कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी पार्टी के भीतर चल रहे विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में बदलाव स्वाभाविक प्रक्रिया है और यदि कुछ वरिष्ठ नेता पीछे हटते हैं तो नए लोग आगे आते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी में भी कई नेता अलग हुए थे, लेकिन पार्टी ने चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। उन्होंने संकेत दिया कि यदि मौजूदा अपील स्वीकार नहीं होती तो आगे की रणनीति पर फिर चर्चा हो सकती है।

परगट सिंह ने दी नसीहत

जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह ने कहा कि पंजाब की राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह प्रयोग करने का समय नहीं है। उनके अनुसार, पार्टी को फोटो सेशन और शक्ति प्रदर्शन के बजाय संगठनात्मक मतभेदों का समाधान प्राथमिकता से करना चाहिए।

चन्नी को मनाने की तीन कोशिशें

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने चन्नी गुट से संवाद स्थापित करने के लिए कई प्रयास किए—

  • सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के माध्यम से बातचीत की कोशिश की गई।
  • इसके बाद कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार वेरका ने चन्नी से मुलाकात कर दोनों पक्षों के बीच संवाद का प्रयास किया।
  • बघेल ने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा कि यदि कोई उन्हें चाय पर बुलाएगा तो वह मिलने के लिए तैयार हैं।

हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद चन्नी गुट ने शुरुआत में दूरी बनाए रखी। अब चन्नी के हालिया बयान को विवाद कम करने और हाईकमान के साथ तालमेल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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