पंजाबी दूरदर्शन | बरनाला
पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने खुलकर नाराजगी जाहिर की है। पंजाब दौरे के दौरान बरनाला में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मंच से राज्य की पूरी कांग्रेस लीडरशिप को सीधी और सख्त चेतावनी दे दी।
राहुल गांधी ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी में काम केवल टीम वर्क से होता है और कोई भी अकेला खिलाड़ी चुनाव नहीं जिता सकता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो नेता टीम के साथ नहीं चलेंगे, उन्हें “रिजर्व बेंच” पर बैठा दिया जाएगा, चाहे वह कितना ही बड़ा नाम क्यों न हो। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस में पार्टी से बड़ा कोई नेता नहीं होता।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस का भविष्य कार्यकर्ताओं की मेहनत और भागीदारी से ही तय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब कांग्रेस के लिए सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि पार्टी की शक्ति और देश की नींव का प्रतीक है।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें पंजाब आकर हमेशा विशेष ऊर्जा मिलती है, क्योंकि यहां उन्हें हिंदुस्तान की असली ताकत दिखाई देती है। उन्होंने पंजाब की जनता, खासकर किसानों और मजदूरों की सराहना करते हुए कहा कि यही वर्ग देश की असली रीढ़ है। उन्होंने याद दिलाया कि देश में आई हरित क्रांति के पीछे पंजाब के किसानों और मजदूरों का सबसे बड़ा योगदान रहा है।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने अमेरिका–भारत व्यापार समझौते को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोल दिया गया, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान पंजाब, हिमाचल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के किसानों को होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसानों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से खड़ी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान पंजाब कांग्रेस के भीतर अनुशासन और एकजुटता लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी आगामी चुनावों की तैयारी में जुटी है।

