पंजाबी दूरदर्शन | पंजाब डेस्क
पंजाब में नौजवान रणजीत सिंह के कथित पुलिस एनकाउंटर को लेकर सियासी और सामाजिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। इस बीच श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज का अहम बयान सामने आया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आना बेहद जरूरी है।
जानकारी के अनुसार, सरहदी क्षेत्र दुरांगला के गांव आदियां में एक पुलिस चौकी पर हुए हमले में दो पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रणजीत सिंह को एक मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था। इसी एनकाउंटर को लेकर अब कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
जत्थेदार गड़गज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य में कानून का राज होना चाहिए, न कि किसी एक संस्था का। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और किसी की जान लेना सही नहीं ठहराया जा सकता—चाहे वह पुलिसकर्मी हो या आम नागरिक। हर मामले का फैसला अदालत में होना चाहिए और कार्रवाई केवल कानून के दायरे में रहकर ही की जानी चाहिए।
वहीं, रणजीत सिंह के परिवार ने भी पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस उसे घर से उठाकर ले गई और बाद में कथित तौर पर फर्जी एनकाउंटर में मार दिया गया। परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को झूठे मामले में फंसाया गया और उसके साथ अन्याय हुआ।
परिवार ने मांग की है कि इस पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र जांच करवाई जाए और जिन पुलिस अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला पंजाब में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है। पंजाबी दूरदर्शन इस संवेदनशील मामले से जुड़ी हर विश्वसनीय और अहम अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा।

