पंजाबी दूरदर्शन | अमृतसर
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। यह फैसला आज SGPC की आंतरिक समिति की बैठक के बाद लिया गया। बैठक की अध्यक्षता SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने की।
समिति के निर्णय के अनुसार, ज्ञानी रघबीर सिंह को हेड ग्रंथी के पद से भी हटा दिया गया है। SGPC का कहना है कि यह कार्रवाई नियमों की अनदेखी और संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोपों के चलते की गई है। कमेटी ने इससे पहले ज्ञानी रघबीर सिंह को 72 घंटे के भीतर अपना स्पष्टीकरण और संबंधित सबूत प्रस्तुत करने का अवसर दिया था, लेकिन तय समयसीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
प्रधान हरजिंदर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सिख मर्यादा, अनुशासन और संस्थागत नियमों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर सकती। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भविष्य में भी यदि कोई पदाधिकारी या कर्मचारी संस्था के नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
SGPC के इस फैसले के बाद सिख धार्मिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अमृतसर सहित पूरे पंजाब में यह निर्णय चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि हेड ग्रंथी का पद सिख पंथ में अत्यंत सम्मान और जिम्मेदारी से जुड़ा हुआ माना जाता है।

