सिमरजीत सिंह बैंस को एक साल की कैद, ब्रह्म मोहिंद्रा मानहानि मामले में फैसला

पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को एक साल की कैद, पूर्व मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा के मानहानि मामले में फैसला

पटियाला की अदालत ने IPC की धारा 500 के तहत सुनाई सजा, 2018 में दवा खरीद और नशा मुक्ति केंद्रों को सप्लाई से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है मामला

पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा की ओर से दायर मानहानि मामले में पटियाला की अदालत ने पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को दोषी करार देते हुए एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) एकता सहोता की अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 के तहत यह फैसला सुनाया। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने सजा के साथ कोई जुर्माना निर्धारित नहीं किया है।

सिमरजीत सिंह बैंस लुधियाना जिले की आत्मनगर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं। इस मामले की खास बात यह है कि ब्रह्म मोहिंद्रा और बैंस दोनों ही अब कांग्रेस में शामिल हैं।

2018 में दवा खरीद को लेकर लगाए थे आरोप

यह मामला वर्ष 2018 का है। उस समय पंजाब के स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद और नशा मुक्ति केंद्रों को दवाओं की आपूर्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद हुआ था।

उस समय लोक इंसाफ पार्टी के विधायक रहे सिमरजीत सिंह बैंस ने तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा पर गंभीर आरोप लगाए थे। बैंस ने दावा किया था कि मोहिंद्रा के फार्मा कंपनी ‘Arbour Biotech’ से कथित संबंध हैं और स्वास्थ्य विभाग में दवाइयों की खरीद प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है।

ब्रह्म मोहिंद्रा ने दायर किया था मानहानि का मामला

ब्रह्म मोहिंद्रा ने बैंस के आरोपों को निराधार और भ्रामक बताते हुए कहा था कि उनसे उनकी सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद उन्होंने अदालत में मानहानि की शिकायत दर्ज कराई।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपों के समर्थन में पेश किए गए साक्ष्यों पर विचार किया। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने पाया कि बैंस आरोपों के समर्थन में पर्याप्त ठोस सबूत पेश नहीं कर सके।

अदालत ने सुनाया एक साल के कठोर कारावास का फैसला

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एकता सहोता की अदालत ने मामले में सिमरजीत सिंह बैंस को दोषी ठहराते हुए एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत के फैसले के अनुसार, बिना पर्याप्त साक्ष्य के लगाए गए आरोपों से शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

यह फैसला 2018 में लगाए गए आरोपों से जुड़े मानहानि मामले में आया है। मामले में अदालत के आदेश के अनुसार बैंस को एक साल की कैद की सजा सुनाई गई है।

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