पंजाबी दूरदर्शन डेस्क | जीरकपुर
गणतंत्र दिवस की खुशियों से ठीक एक दिन पहले पंजाब के जीरकपुर से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। हरमिलाप नगर कॉलोनी में पतंगबाजी के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों की जान चली गई, जिससे पूरे इलाके में मातम छा गया।
यह हादसा रविवार शाम करीब 6 बजे रेलवे ट्रैक के पास हुआ, जब अंबाला से चंडीगढ़ की ओर जा रही एक तेज रफ्तार ट्रेन ने दो बच्चों को कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बच्चे पतंग उड़ा रहे थे और खेलते-खेलते उनकी पतंग रेलवे लाइन की ओर चली गई। उसी दौरान यह दर्दनाक हादसा हो गया।
मृतकों की पहचान शिवम (14) पुत्र अभिमन्यु और आरुष कुमार (10) पुत्र बाल चंद्र के रूप में हुई है। दोनों बच्चे हरमिलाप नगर कॉलोनी, जीरकपुर के रहने वाले थे और प्रवासी परिवारों से संबंध रखते थे। आरुष चौथी कक्षा का छात्र था, जबकि शिवम छठी कक्षा में पढ़ता था। शिवम के पिता निजी ड्राइवर हैं और आरुष के पिता एक घर में केयरटेकर का काम करते हैं।
इस मामले में जांच अधिकारी सतबीर सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए पंचकूला सिविल अस्पताल भेज दिए गए हैं। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
हादसे की खबर मिलते ही हरमिलाप नगर कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई। रो-रोकर टूटे माता-पिता, परिजनों की चीख-पुकार और सन्नाटा पसरा माहौल हर किसी की आंखें नम कर गया। जिस दिन देश तिरंगे के रंग में रंगने वाला था, उसी से पहले दो घरों के चिराग बुझ गए।
स्थानीय समाजसेवी सुरिंदर वर्मा ने बताया कि इलाके में रेलवे फेंसिंग मौजूद है, लेकिन बचपन की लापरवाही और खेल के जुनून ने खतरे को नजरअंदाज कर दिया। लोगों का कहना है कि पतंग उड़ाना अब बच्चों के लिए जानलेवा बनता जा रहा है, खासकर रेलवे ट्रैक और सड़कों के आसपास।
गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इससे एक दिन पहले समराला में भी चाइना डोर की वजह से 15 वर्षीय छात्र की मौत हो चुकी है। दो अलग-अलग जगह, लेकिन वजह एक ही—खतरनाक पतंगबाजी और लापरवाही।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र समेत आसपास के इलाकों में पतंग उड़ाने पर सख्त और स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
यह हादसा सिर्फ दो बच्चों की मौत नहीं, बल्कि समाज, प्रशासन और हमारी सामूहिक लापरवाही पर एक गंभीर सवाल भी है।

