तिहाड़ से पंजाब की जेल में शिफ्ट होना चाहता है जगतार सिंह हवारा, सुप्रीम कोर्ट ने IB से सलाह लेने को कहा
फतेहगढ़ साहिब: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा की जेल बदलने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को खुफिया ब्यूरो (IB) से सलाह लेने का निर्देश दिया है। हवारा ने दिल्ली की तिहाड़ जेल से पंजाब की किसी भी जेल में स्थानांतरित किए जाने की मांग की है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने मामले को संवेदनशील बताते हुए कहा कि सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर विचार करना जरूरी है। अदालत के सामने जेल स्थानांतरण से कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर दलीलें रखी गईं।
दिल्ली सरकार ने जताई फरार होने की आशंका
दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने अदालत को बताया कि हवारा पहले जेल से फरार होने की घटना में शामिल रहा है। उन्होंने दलील दी कि उसे पंजाब स्थानांतरित करने से फरार होने का जोखिम बढ़ सकता है।
भाटी ने उच्च जोखिम वाले कैदियों के स्थानांतरण को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की एडवाइजरी का हवाला दिया। उन्होंने पंजाब सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे का जिक्र करते हुए आशंका जताई कि स्थानांतरण का असर राज्य की कानून-व्यवस्था पर पड़ सकता है।
अदालत को यह भी बताया गया कि हवारा को चंडीगढ़ की जेल में सुरंग खोदने से जुड़े मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।
हवारा के वकील ने मां की उम्र और स्वास्थ्य का दिया हवाला
हवारा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंसाल्विस ने जेल बदलने की मांग के समर्थन में उसकी पारिवारिक परिस्थितियों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हवारा की मां की उम्र करीब 82 वर्ष है और उनकी तबीयत गंभीर है।
वकील ने दलील दी कि हवारा को रिहा करने की मांग नहीं की जा रही, बल्कि उसे पंजाब की किसी हाई-सिक्योरिटी जेल में स्थानांतरित करने का अनुरोध है। उन्होंने यह भी कहा कि बेअंत सिंह हत्याकांड के समय हवारा की उम्र लगभग 21 वर्ष थी और जेल में उसका आचरण अच्छा रहा है।
बेअंत सिंह हत्याकांड में उम्रकैद की सजा
जगतार सिंह हवारा पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की 1995 में हुई हत्या से जुड़े मामले में दोषी है। उसे पहले मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे बाद में उम्रकैद में बदल दिया गया। वह तिहाड़ जेल में सजा काट रहा है।
हवारा को पंजाब की जेल में स्थानांतरित करने का फैसला उसकी सुरक्षा, जेल व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर विचार के बाद लिया जाना है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा जोखिमों पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी व्यक्ति की विचारधारा और भविष्य में उसके व्यवहार का आकलन करना आसान नहीं है। अदालत ने इस संभावना पर भी विचार किया कि कोई व्यक्ति समय के साथ बदल सकता है, लेकिन भविष्य में किन परिस्थितियों में उसका व्यवहार बदल सकता है, इसका निश्चित अनुमान लगाना कठिन है।
फिलहाल अदालत ने दिल्ली सरकार को IB से सलाह लेने को कहा है। इस निर्देश के बाद जेल स्थानांतरण की मांग पर आगे की कार्रवाई सुरक्षा संबंधी आकलन और संबंधित पक्षों की दलीलों के आधार पर होगी।

