किसान नेता ने पंजाब सरकार से नशे पर लगाम लगाने की अपील की, झोटा के परिवार से पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार करने का भी किया आग्रह
मानसा: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत शनिवार को मानसा पहुंचे। यहां उन्होंने नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की और उनके संघर्ष के प्रति समर्थन जताया। इस दौरान टिकैत ने पंजाब में नशे की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से इस पर सख्ती से रोक लगाने की अपील की।
राकेश टिकैत ने कहा कि पंजाब में तैयार होने वाले नशीले कैप्सूल उत्तर प्रदेश तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने नशे की सप्लाई के नेटवर्क पर चिंता जताते हुए कहा कि इस समस्या को गंभीरता से लेने और प्रभावी कार्रवाई करने की जरूरत है।
परविंदर सिंह झोटा की मौत के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर परिवार का धरना शनिवार को 13वें दिन भी जारी रहा। परिवार और समर्थक मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं।
‘पंजाब बीमार हो गया तो सरकार किस पर राज करेगी?’
राकेश टिकैत ने पंजाब सरकार से नशे के कारोबार पर लगाम लगाने की अपील करते हुए कहा कि अगर पंजाब ही बीमार हो गया, तो सरकार किस पर राज करेगी? उन्होंने नशे के बढ़ते प्रसार को गंभीर चिंता का विषय बताया और सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की।
टिकैत ने दावा किया कि नशे की सप्लाई गुजरात और नेपाल के रास्तों से भी हो रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने और नशे की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की।
झोटा के परिवार से पोस्टमार्टम करवाने की अपील
परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात के दौरान राकेश टिकैत ने उनसे पोस्टमार्टम करवाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि इससे पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा।
झोटा की मौत के मामले में परिवार लगातार इंसाफ की मांग कर रहा है। मानसा में जारी धरने के बीच विभिन्न लोग और संगठन परिवार के समर्थन में सामने आ रहे हैं।
नशे के खिलाफ कार्रवाई और इंसाफ की मांग
परविंदर सिंह झोटा की मौत के बाद नशे के मुद्दे पर पंजाब में बहस तेज हो गई है। परिवार की ओर से मामले में इंसाफ की मांग की जा रही है, जबकि राकेश टिकैत ने नशे की सप्लाई रोकने के लिए राज्य और केंद्र सरकार से प्रभावी कार्रवाई करने की अपील की है।
अब इस मामले में परिवार की मांगों, प्रशासन की कार्रवाई और नशे के खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों पर सबकी नजरें बनी हुई हैं।

