अमृतसर एयरपोर्ट के आसपास ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध, पैराग्लाइडर और गर्म हवा के गुब्बारों पर भी रोक
20 अक्टूबर 2026 से लागू हुए आदेश, पुलिस कमिश्नर ने BNSS की धारा 163 के तहत जारी किए निर्देश; उल्लंघन करने वालों पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन और अन्य उड़ने वाले यंत्रों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 20 अक्टूबर 2026 से लागू है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत ये निर्देश जारी किए हैं।
पुलिस के अनुसार, हवाई अड्डे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और किसी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
किन उड़ने वाले यंत्रों पर लगा प्रतिबंध?
जारी आदेश के तहत हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन उड़ाने पर रोक रहेगी। इसके अलावा निम्नलिखित उड़ने वाले यंत्रों का संचालन भी प्रतिबंधित किया गया है:
- रिमोट कंट्रोल से संचालित माइक्रोलाइट विमान
- पैराग्लाइडर
- पैरा-मोटर
- हैंड ग्लाइडर
- गर्म हवा वाले गुब्बारे
पुलिस कमिश्नरेट ने लोगों से निर्देशों का पालन करने और बिना अनुमति किसी भी तरह के उड़ने वाले यंत्र को संचालित नहीं करने की अपील की है।
आदेशों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, जारी निर्देशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई का प्रावधान बताया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हवाई अड्डे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन निर्देशों का पालन करना जरूरी है। आम लोगों से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई है।
हवाई अड्डे की सुरक्षा के मद्देनजर फैसला
पुलिस का कहना है कि हवाई अड्डा एक संवेदनशील क्षेत्र है और यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ड्रोन या अन्य उड़ने वाले यंत्रों के अनधिकृत संचालन से संभावित जोखिम को देखते हुए प्रतिबंध लगाया गया है।
यह आदेश 20 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे निर्देशों की जानकारी रखें और उनका उल्लंघन करने से बचें।

