फगवाड़ा: पंजाब के कपूरथला जिले के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में 26 सितंबर की रात हुई हिंसा के मामले में पुलिस और विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। पुलिस जल्द ही पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मामले की क्लोजर रिपोर्ट पेश करेगी।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर और हॉस्टल के CCTV फुटेज की जांच की गई, लेकिन रेप की किसी घटना के सबूत नहीं मिले। पुलिस ने रेप से संबंधित FIR के मामले में यूनिवर्सिटी को क्लीन चिट देने की बात कही है।
रेप की अफवाह के बाद भड़की थी हिंसा
26 सितंबर की रात LPU में एक छात्रा के साथ रेप होने की अफवाह फैलने के बाद छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। देखते ही देखते स्थिति हिंसक हो गई। इस दौरान तोड़फोड़, हाईवे जाम, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच में सामने आया कि रेप से जुड़ा संदेश यूनिवर्सिटी के ही एक छात्र ने ग्रुप में साझा किया था। इसके बाद कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी इसे शेयर किया, जिससे अफवाह तेजी से फैली और छात्र सड़कों पर उतर आए।
22 लोगों की गिरफ्तारी, 100 से ज्यादा नामजद
हिंसा और उससे जुड़ी घटनाओं के मामले में पुलिस ने अब तक 100 से अधिक लोगों को नामजद किया है। वहीं, 22 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस ने अलग-अलग FIR दर्ज की थीं। SIT ने सभी पांच मामलों की जांच की। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट में हलफनामा भी दाखिल किया गया है, जिसमें हॉस्टल में किसी छात्रा के साथ रेप की घटना नहीं होने की बात कही गई है।
हिंसा और आगजनी में करीब 30 करोड़ के नुकसान का अनुमान
LPU में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी के कारण यूनिवर्सिटी के साथ-साथ आसपास की निजी और सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा था।
पुलिस के आकलन के मुताबिक, पूरे घटनाक्रम में करीब 30 करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। मामले की जांच में नुकसान और हिंसा से जुड़े अलग-अलग पहलुओं को शामिल किया गया।
चितकारा यूनिवर्सिटी की घटना से कोई संबंध नहीं
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि LPU में हुई हिंसा और चितकारा यूनिवर्सिटी से जुड़ी घटनाओं के बीच कोई आपसी संबंध नहीं पाया गया है।
अब पुलिस जांच पूरी होने के बाद हाईकोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट पेश करने की तैयारी कर रही है। अदालत में रिपोर्ट पेश होने के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

